Book Title: Agam 15 Pannavana Uvangsutt 04 Moolam
Author(s): Dipratnasagar, Deepratnasagar
Publisher: Agam Shrut Prakashan

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Page 31
________________ Shri Mahavir Jain Aradhana Kendra www.kobatirth.org २२ Acharya Shri Kailassagarsuri Gyanmandir पनवणा- १/-/-/१९० अजोगिकेवलिखीणकसायवीयरागचरितारिया य से किं तं सजोगिकेवलिखीणकसायवीयसगचरितारिया - दुविहा प०-पढमसमयसजोगिकेवलिखीणकसायवीयरागचरित्तारिया य अपढमसमयसजोगिकेवलिखीणकसायवीयरागचरितारिया य अहवा चरिमसमयसजोगिकेवलिखीणकसायवीतरागचरितारिया य अचरिमसमयसजोगिकेवलिखीणकसायवीयरागचरित्तारिया य से तं सजोगिकेवलिखीणकसायवीयरागचरित्तारिया, से किं तं अजोगिकेवलिखीणकसायवीयरागचरितारिया दुविहा प० - पढमसमय अजोगिकेवलिखीणकसायवीयरागचरितारिया य अपढमसमयअजोगिकेवलिखीणकसायचीयरागचरितारिया य अहवा चरिमसमयअजोगिकेवलिखीणकसायवीरागचरितारिया य अचरिमसमच अजोगिकेवलिखीणकसायवीतरागचरितारिया य से तं अजोगिकेवलिखीणकसायचीयरागचरित्तारिया से त्तं केवलिखीणकसायवीतरागचरितारिया से तं खीणकसायवीतरागचरितारिया से तं वीयरागचरितारिया अहवा चरितारिया पंचविहा पत्रत्ता तं जहा सामाइयचरितारिया छेदोवद्वावणियचरितारिया परिहारविसुद्धियचरित्तारिया सहमसंपराइयचरितारिया अहवखायचरित्तारिया, से किं तं सामाइयचरितारिया - दुविहा प० इत्तरियामाइयचरितारिया य आवकहियसाभाइयचरितारिया य से तं सामाइयचरित्तारिया से किं तं छेदोवद्वावणियचरितारिया दुविहा पत्रत्ता तं जहा-साइयारछेदोवट्ठावणियचरित्तारिया य निरइयारछेदोवडावणियचरितारिया य, से तं छेदोवावणियचरितारिया से किं तं परिहारविसुद्धियचरित्तारिया दुविहा प० - निव्विसमाणपरिहारविसुद्धिचरितारिया य निव्विट्टकाइयपरिहारविसुद्धियचरितारिया य से त्तं परिहारविषुद्धियचरित्तारिया, से किं तं सुहुमसंपरायचरितारिया दुविहा प० -संकिलिस्समाणसुहुमसंपरायचरितारिया व विसुज्झमाणसुहुमसंपरायचरितारिया य से त्तं सुहुमसंपरायचरितारिया, से किं तं अहक्खायचरित्तारिया - दुविहा प० छउमत्यअहक्खायचरित्तारिया य केवलिअहक्खायचरित्तारिया य से त्तं अहक्खायचरि-तारिया से तं चरितारिया से तं अणिड्ढिपत्तारिया से तं आरिया से तं कम्मभूमगा सेतं गमवक्कंतिय से त्तं मणुस्सा |३७|-37 (१९१ ) से किं तं देवा देवा चउव्विहा पन्नता तं जहा भवणवासी वाणमंतर जोइसिवा वेमाणिया से किं तं भवणवासी - दसविहा पत्रत्ता तं जहा असुरकुमारा नागकुमारा सुवण्णकुमारा विजुकुमारा अग्गिकुमारा दीवकुमारा उदहिकुमारा दिलाकुमारा वाउकुमारा धणियकुमारा ते समासतो दुविहा पत्ता तं जहा पचत्तगा य अपजत्तगा य से त्तं भवणवासी, से किं तं वाणमंतराअविहा पत्रत्ता तं जहा - किनारा किंपुरिसा महोरगा गंधव्वा जक्खा रक्खसा भूया पियासा ते समासतो दुविहा पन्नत्ता तं जहा पचत्तगा य अपजत्तगा य से तं वाणमंतरा, से किं तं जोइसिया - पंचविहा पन्नत्ता तं जहा - चंदा सूरा गद्दा नक्खत्ता तारा ते समासतो दुविहा पन्नत्ता तं जहा-पचत्तगाय अपजत्तगाय से तं जोइसिया, से किं तं वेमाणिया- दुविहा प० कप्पोवगा य कप्पातीता य से किं तं कप्पोवगा - बारसविहा पन्नत्ता तं जहा- सोहम्मा ईसाणा सणकुमारा माहिंदा बंगलोया तंतया सुक्का सहस्सारा आणता पाणता आरणा अनुत्ता ते समासतो दुविहा पत्रत्ता तं जहा - पञ्चत्तगा य अपजत्तगा य से तं कप्पोवगा, से किं तं कप्पातीया- दुविहा प० - गवेजगा य अनुत्तरो बवाइया य से किं तं वेगा नयविहा प०- हेट्टमहेट्ठिम-गेवञ्जगा हेट्टिममज्झिमवेज्जगा हेडिमउवरिमगेवेगा मज्झिमगैिवेजगा मज्झिममज्झिमगेवेज्जमा मज्झिमउवरिमगेवेज्जगा उवरिमहेट्ठिमगेवेज्जगा For Private And Personal Use Only -

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