Book Title: Agam 15 Pannavana Uvangsutt 04 Moolam
Author(s): Dipratnasagar, Deepratnasagar
Publisher: Agam Shrut Prakashan
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पन्नवणा - ५/-/-/३१९
एवं सुयनाणी वि, जहण्णोहिनाणीणं भंते पंचेंदियतिरिक्खजोणियाणं पुच्छा गोयमा अनंता पाया पत्रत्ता से केणणं भंते एवं युद्यति० गोयमा जहण्णोहिनाणी पंचेदियतिरिक्खजोणिए जहण्णोहिनाणिस्स पंचेंदियतिरिक्खजोणियस्स दव्वट्टयाए तुल्ले पदेसम्याएतुले ओगाहणट्टयाएचउट्ठाणवडते ठितीतिद्वाणवडिते वण्ण-गंध-रस-फासपजवेहिं आभिणिबोहियनाण-सुत्तनाणपञ्चवेहि य छड्डाणयडिते ओहिनाणपञ्जवेहिं तुले अन्नाणा नत्थि चक्खु दंसण पज्जबेर्हि अचक्खु दंसण पज्जवेहिं य छट्टाणवडिते, एवं उक्को सोहिनाणी वि अजहष्णुककोसोहिनाणी वि एवं चैव नवरंसट्टा खट्टाणचडिते जहा आभिणिबोहियानाणी तहा मतिअन्नाणी सुयअन्नाणी य जहा ओहिनाणी तहा विभंगनाणी वि चक्खुदंसणी अचक्खुदंसणी य जहा आभिणिबोहियनाणी ओहिदंसणी जहा ओहिनाणी जत्य नाणा तत्य अन्नाणा नस्थि० जन्थ अन्नाणा तत्थ नाणा नत्थि जत्य दंसणा तत्य नाणा विअन्नाणा वि अस्थि त्ति माणितव्वं । 994/-115
(३२०) जहण्णोगाहणगाणं मंते मणुस्साणं केवतिया पजवा पन्नत्ता गोयमा अनंता पजवा पन्नत्ता से केणद्वेणं मंते एवं दुखाइ ० गोयमा जहण्णोगाहणए मणुस्से जहण्णोगाहणगस्स मणुस्सस्स दव्वट्टचाएतुल्ले पदेसट्टयाएतुल्ले ओगाहणट्टयाएतुल्ले ठितीएतिङ्काणवडिते वण्ण-गंध-रस-फासपज्जवेहिं तिहिनाणेहिं दोहिं अन्नाणेहिं तिहिंदंसणेहिं छट्टाणवडिते, उक्को सोगाहणए वि एवं चैव नवरंठितीए सियहीणे सियतुल्ले सियअब्भहिए जदि हीणे असंखेजगभागहीणे अह अमहिए असंखेजभागममहिए दोनाणा दोअन्नाणा दोदंसणा अजहण्णमणुक्को सोगाहणए वि एवं चैव नवरंओगाहणट्टयाए चउडाणवडिते ठिती चउट्टाणवडिते आइल्लेहिं चउर्हि नाणेहिं छट्टाणवडिते केबलनाणपज्रवैहिं तुल्ले तिहिंअन्नाणेहिं तिहिंदंसणेहिं छट्टाणयडिते केवलदंसणपञ्जदेहिं तुल्ले, जहणट्टितीयाणं भंते मणुस्साणं केवतिया पजवा पन्नता गोयमा अनंता पजवा पन्नत्ता से केणद्वेणं भंते एवं युच्चति० गोयमा जहण्णहितीए मणुस्से जहण्णद्वितीयस्स मणुस्सस्स दव्बट्टयाएतुले पट्टयातुल्ले ओगाहणट्टयाए चउट्टाणवडिते ठितएतुल्ले घण्ण-गंध-रस-फासपञ्जवेहिं दोहिं अन्नाणेहिं दोहिं दंसणेहिं छट्ठाणवडिते, एवं उक्कोसट्ठितीए वि नवरं-दोनाणा दो अन्नाणा दोदंसणा अजहण्णमणुक्कोसद्वितीए वि एवं चेव नवरं-ठितीए चउट्ठाणचडिते ओगाहणट्टयाए चउद्वाणवडिते आदिल्लेहिं चउनाणेहिं उड्डाणवडिते केवलनाणपञ्चवेहिं तुले तिहिं अन्नाणेहिं तिहिंदंसणेहिं छट्टाणवडिते केवलदंसणपद्भवेहिं तुल्ले, जहण्णगुणकालयाणं भंते मणुस्साणं केवतिया पजवा पन्नत्ता गोयमा अनंता पञ्जया पत्रत्ता से केणद्वेगं भंते एवं युद्धति० गोयमा जहण्णगुणकालए मणुस्से जहण्णगुणकालगस्स मणुस्सस्स दव्वद्वयातुल्ले पदेसट्टयाएतुल्ले ओगाहणट्टयाएचउट्ठाणयडिते ठितीएचउट्ठाणयडिते कालवण्णपज्जवेहितुल्ले अवसेसेहिं वण्ण-गंध-रस- फासपज्जवेहिछडाणवडिते चउहिनाणेहिं छट्टाणवडिते केवलनाणपज्जवेहिंतुले तिहिंअन्नाणेहिं तिहिंदंसणेंहिछट्टाणवडिते केवलदंसणपजवेहिं तुल्ले, एवं उक्कोसगुणकालए वि अजहण्णमणुक्कोसगुणकालए वि एवं चैव नवरं - सट्टाछट्ठाणवडिते, एवं पंचवण्णा दोगंधा पंचरसा अडफासा भाणितव्दा, जहण्णाभिणिबोहियनाणीणं भंते मणुस्साणं केवतिया पञ्चवा पत्रत्ता गोयमा अनंता पञ्चवा पत्रत्ता से केणट्टेजं भंते एवं बुधति० गोयमा जहण्णाभिणिबोहियनाणी मणुस्ते जहण्णाभिणिबोहियनाणिस्स मणुस्सस्स दव्वट्टयाएतुले पदेसडयातुल्ले ओगाहणट्टयाएचउडाणवडिते ठितीएच उडाणवडिते यण्ण-गंध-रसफासपज्जवेहिं छट्ठाणयडिते आभिणिबोहियनाणपज्जवेहिं तुल्ले सुतणाणपञ्चवेहिं तुल्ले दोहिंदंसणेहिं
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