Book Title: Agam 15 Pannavana Uvangsutt 04 Moolam
Author(s): Dipratnasagar, Deepratnasagar
Publisher: Agam Shrut Prakashan
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२४
पन्नवणा - १/-1-1१९२
पत्रता गोयमा सुहमआउक्काइया जे पज्जत्तगा जे प अपज्जत्तगा ते सव्वे एगविहा अविसेसा अणाणता सव्वलोयपरियावण्णगा पनत्ता समणाउसो, कहिणं मते वादरतेउकाइयाणं पजत्तगाणं ठाणा पनत्ता गोयमा सवाणेणं अंतोमणुस्सखेते अड्ढाइजेसु दीव-समुद्देसु निव्वाघाएणं पन्नरससु कम्मभूमीसु वाघायं पडुन पंचसु महाविदेहेसु एत्य णं बादरतेउक्काइयाणं पजत्तगाणं ठाणा पत्रत्ता उववाएणं लोयस्सअसंखेनइमागे समुग्धाएणंलोयस्स असंखेजइभागे सहाणेणं लोयस्स असंखेज्जइभागे, कहि णं भंते बादरतेउकाइयाणं अपनत्तगाणं ठाणा पत्नत्ता गोयमा जत्येव यादरतेउकाइयाणं पात्तगाणं ठाणा तत्येय बादरतेउकाइयाणं अपज्जतगाणं ठरणापन्नत्ता उववाएणं लोयस्स दोसु उड्ढकवाडेसु तिरियलोयतय समुग्धाएणंसव्वलोए सहाणेणं लोयस्स असंखेजइभागे, कहि णं मंते सुहुमतेउकाइयाणं पञ्जतगाणं अपात्तगाणं य ठाणा पनत्ता गोयमा सुहुमतेटकाइया जे पञ्जत्तगा जे य अपज्जत्तगा ते सव्वे एगविहा अविसेसा अणाणत्ता सव्वलोयपरियावण्णगा पनत्ता सपणाउसो ३९।-39
(१९३) कहिणं मते बादरयाउकाइयाणं पञ्जतगाणं ठाणा पनत्ता गोयमा सहाणेणं सत्तसु घणवाएसु सत्तसु घणवायवलएसु सत्तसु तणुवाएसु सतसु तणुवायवलएसु अहोलोए-पायालेतु भवणेसु भयणपत्यडेसु भवणछिद्देसु भवणनिम्खुडेसु निरएसु निरयावलियासु निरयपत्थडेसु निरयछिद्देसु निरयनिक्खुडेसु उड्ढलोए-कप्पेसु विमाणेसु चिमाणावलियासु विमाणपत्थडेसु विपाणछिद्देसु विमाणनिक्खुडेसु तिरियलोए-पाईण-पड़ीण-दाहिण-उदीण सब्वेसु चेव लोगागासछिद्देसु लोगनिक्खुढेसु य एत्थ णं बादरवाउकाइयाणं पञ्जत्तगाणं ठाणा पन्नत्ता उववाएणं लोयस्स असंखेजेसु भागेसु समुग्घाएणं लोयरस असंखेनेसु भागेसु सट्टाणेणं लोयस्स असंखेजेसु पागेसु, कहि णं भंते अपञ्जत्तबादरवाउकाइयाणं ठाणा पन्नत्ता गोयमा जत्येव बादरवाउकाइयाणं पज्जतगाणं ठाणा तत्येव बादरवाउक्काइयाणं अपनत्तगाणं ठाणा पन्नत्ता उववाएणं सब्बलोए समुग्घाएणं सव्वलोए सट्टाणेणं लोयस्स असंखेजेसुमागेसु कहिणं मंते सुहुमवाउकाइयाणं पज्जतगाणं अपजत्तगाण य ठाणा पत्रत्ता गोयमा सहमवाउकाइया जे पनत्तगाजे य अपजत्तमा ते सब्वे एगविहा अविसेसा अणाणत्ता सव्वलोयपरियावण्णगा पनत्ता समणाउसो, कहि णं मंते बादावणस्सइकाइयाणं पनत्तगाणं ठाणा पत्नत्ता गोयमा सट्ठाणेणं सत्तसु घणोदहीसु सत्तसु धणोदहिवलएसु अहोलोए-पायालेसु मवणेसु मवण-पत्यडेसु उड्ढलोए-कप्पेसु विमाणेसु विमाणवलियासु विमाणपत्थडेसु तिरियलोए-अगडेसु जाव जलासएसु जलवाणेसु एत्य णं बादरवणस्सइकाइयाणं पजत्तगाणं ठाणा पन्नता उववाएणं सव्वलोए समुग्धाएणं सव्वलोए सट्टाणेणं लोयस्स असंखेज्जइभागे, कहिणं मंते बादरवणस्सइकाइयाणं अपज्जत्तगाणं ठाणा पनत्ता गोयमा जत्येव धादरवणस्सइकाइयाणं पञ्चत्तगाणं ठाणा तत्थेव बादरवणस्सइकाइयाणं अपजत्तगाणं ठाणा पनत्ता उववाएणं सव्वलोए समुधाएणं सव्वलोए सहाणेणं लोयस्स असंखेअइभागे, कहिणं भंते सुहुमवणस्सइकाइयाणं पजतगाणं अपज्जत्तगाण पठाणा पनत्ता गोयमासुहुमवणस्सइकाइया जे पञ्चत्तगाजे यअपज्जतगा ते सव्ये एगविहाअविसेसाअणाणता सब्बलोयपरियावण्णगा पन्नत्ता सपणाउसो।४०140
(१९४) कहि णं मंते बेइंदियाणं पजत्तगापञ्जत्तगाणं ठाणा पन्नता गोयमा उड्ढलोए तदेक्कदेसमागे अहोलोए तदेक्कदेसभागे तिरियलोए-अगडेसु जाव जलट्ठाणेसु एत्य णं बेइंदियाणं पजत्तापज्जत्तगाणं ठाणा पनत्ता उववाएणं लोगस्स असंखेजइभागे ससुग्घाएणं लोयस्स
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