Book Title: Prabandh Chintamani
Author(s): Merutungacharya, Hajariprasad Tiwari
Publisher: Jinshasan Aradhana Trust
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प्रबन्धचिन्तामणि विषयानुक्रम
(७) मंत्रीका मुसलमान सुलतानके साथ मैत्रीका सम्बन्ध बान्धना
(८) अनुपमाकी दानशीलता
(९) वीरधवलकी रणशूरता (१०) वीरधवलकी मृत्यु (११)
अनुपमाकी मृत्यु
(१२) वस्तुपालकी मृत्यु
११ प्रकीर्णक प्रबन्ध
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- पंचम प्रकाश
(१) विक्रमादित्यकी पात्र परीक्षा
(२) मरे हुए नन्दका पुनर्जीवन
(३) राजा शिलादित्य और मल्लवादी सूरिका प्रबन्ध बौद्ध और जैनोंमें वाद-विवाद
( ४ )
( ५ )
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वलभी नगरीके विनाशकी कथा
श्री पुंजराजकी उत्पत्ति
( ६ )
(७)
श्रीमाताकी उत्पत्तिका वर्णन
(८) चोड देशके गोवर्धन राजाकी न्यायप्रियताका उदाहरण
(९) पुण्यसार राजाका वृत्तान्त
(१०) कर्मसार राजाका प्रबन्ध
(११) राजा लक्ष्मणसेन और उमापतिधरका प्रबन्ध (१२) काशीके जयचन्द्र राजाका प्रबन्ध (१३) जगद्देव क्षत्रियका प्रबन्ध (१४) पृथ्वीराजके तुंग सुभटका प्रबन्ध (१५) पृथ्वीराजका म्लेच्छोंके हाथ मारा जाना (१६) कौंकण देशकी उत्पत्ति कैसे हुई (१७) ज्योतिषी वराहमिहिरका प्रबन्ध (१८) सिद्धयोगी नागार्जुनका वृत्तान्त (१९) स्तंभनक पार्श्वनाथका प्रादुर्भाव (२०) कवि भर्तृहरिकी उत्पत्तिका वर्णन (२१) वाग्भट वैद्यका प्रबन्ध (२२) गिरनार तीर्थ के निमित्त श्वेताम्बर - दिगम्बर में लड़ाई (२३) सोमेश्वरका अपने भक्तोंकी परीक्षा करना (२४) पूर्वजन्मका किया भोगना (२५) जिन पूजाका माहात्म्य - ग्रन्थकार की प्रशस्ति
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परिशिष्ट - कुमारपालका अहिंसाके साथ पाणिग्रहणका रूपकात्मक प्रबन्ध
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