Book Title: Ahimsa Vani 1952 06 07 Varsh 02 Ank 03 04
Author(s): Kamtaprasad Jain
Publisher: Jain Mission Aliganj

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Page 10
________________ अहिंसा-वाणी के - श्री कपूर चन्द्र धूपचन्द्र जैन, कानपुर.. "...अधिवेशन की सफलता चाहते हैं । श्री सम्पतराज भंसाली, एस० पी० हाई स्कूल, बरकाना- "आपके अधिवेशन की सफलता चाहता हूँ।" श्री हीरा लाल एम० शाह, अहमदाबाद. "मिशन-कार्य एवं अधिवेशन की सफलता चाहते हैं ।" श्री ब्रजभूषण शरण जैन, बी० ए०, एल० एल० बी०, (मुरादाबाद)-. ___"मैं अधिवेशन की हृदय से सफलता चाहता हूँ।" श्री सुन्दर लाल थोलिया, जयपुर. "अधिवेशन की सफलता के लिए मेरी तरफ से शुभ कामनाएँ स्वीकार कीजिए।" श्री फूलचन्द्र जी सिद्धान्त शास्त्री, मन्त्री श्री ग० वी जैन ग्रन्थमाला, भदैनी, बनारस "श्रापका ता० ६-७ व ८ अप्रैन को होने वाले अखिल विश्व जैन मिशन के प्रथम अधिवेशन का निमन्त्रण पत्र मिला। श्राज हमें भगवान महावीर की वाणी . और उनके तत्वज्ञान को विश्व में प्रचारित करने का दृढ़ संकल्प करना है । हम श्री मान बाबू कामता प्रसाद जी के इस बात के लिये अाभारी हैं कि उन्होंने इस ओर जैन समाज का ध्यान आकर्षित किया है । हम उत्पव की सफलता चाहते हैं और कामना करते हैं कि जैन समाज में अहिंसा और व्यक्ति स्वातंत्र्य के अनुरूर जीवन जाग्रति हो जिससे वह स्वयं अपना निर्माण करने में समर्थ हो और विश्व के लिए इस ओर प्रोत्साहित कर सकें।" श्री रज्जू लाल कोमल चन्द्र जैन जगदलपुर (बस्तर) मध्य प्रदेश "आज के इस हिंसामय तथा अशान्त विश्व में श्री महावीर प्रभु के उपदेशी का अखिल विश्व में जो संस्था प्रचार करती हो, उस संस्था को यदि जैन समाज से जिस समाज में धर्म प्रेमी श्रीमानों की कमी नहीं हैं, सक्रिय सहयोग विशेष तर से श्रार्थिक सहयोग प्राप्त न हो सके तो इसे हमारा दुर्भाग्य ही समझना होगा । आशा तो हम इस शुभावसर पर जैन समाज से यह करते हैं कि यदि आपको धर्म प्रचार करना है तथा विश्व को अहिंसा का महत्व समझना है, तो आप संकीर्ण फिर के वाद से मुक्त होकर तथा श्रापसी मतभेद भुलाकर सक्रिय सहयोग देवे। जैन धर्म प्रेमी प्रांग्ल विद्वानों को धर्म का विशद ज्ञान प्राप्त करने में सहायता दे तथा देश विदेश में केन्द्र खोल-खोल कर धार्मिक साहित्य भेजा जाबें ताकि अधिक से अधिक

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