Book Title: Agam 30 mool 03 Uttaradhyayana Sutra Sthanakvasi
Author(s): Amarmuni
Publisher: Padma Prakashan

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Page 529
________________ [381] एकोनत्रिंश अध्ययन सचित्र उत्तराध्ययन सूत्र from numerous to a few. He may or may not attract bondage of life-span determining karmas. He does not repeatedly accumulate bondage of karmas responsible for feeling of pain. He crosses quickly the forest of cycles of rebirth in the form of four genuses having a long path without a beginning or an end. सूत्र २४-धम्मकहाए णं भन्ते ! जीवे किंजणयइ ? धम्मकहाए णं निज्जरं जणयइ। धम्मकहाए णं पवयणं पभावेइ। पवयणपभावे णं जीवे आगमिस्स भहत्ताए कम्म निबन्धड॥ सूत्र २४-(प्रश्न) भगवन् ! धर्मकथा से जीव को क्या प्राप्त होता है? (उत्तर) धर्मकथा (धर्मोपदेश) से जीव कर्मों की निर्जरा करता है तथा प्रवचन (शासन तथा सिद्धान्त) की प्रभावना करता है। प्रवचन-प्रभावना से जीव भविष्य में शुभ फल प्रदान करने वाले कर्मों का बन्ध करता है। Maxim 24 (O). Bhante! What does a jiva (soul/living being) obtain by religious discourse (dharmakatha)? - . (A). By religious discourse a being sheds karmas and spreads the sermon (influence of religious order and doctrine). By spreading the sermon he attracts the bondage of karmas that bestow noble fruits in future. सूत्र.२५-सुयस्य आराहणयाए णं भन्ते ! जीवे किं जणयइ ? सुयस्स आराहणयाएणं अन्नाणं खवेइ, न य संकिलिस्सइ॥ सूत्र २५-(प्रश्न) भगवन् ! श्रुत (सूत्र-सिद्धान्त) की आराधना से जीव को क्या उपलब्धि होती है? (उत्तर) श्रुत की आराधना-सम्यक् आसेवना से जीव अज्ञान (ज्ञान की न्यूनता अथवा मिथ्याज्ञान) का नाश (क्षय) करता है तथा संक्लेश नहीं पाता। Maxim 25 (Q). Bhante! What does a jiva (soul/living being) obtain by perfecting scriptural knowledge (shrut-aradhana)? (A). By perfecting scriptural knowledge a being destroys ignorance (wrong knowledge or lack of knowledge, and experiences no misery. सूत्र २६-एगग्गमणसंनिवेसणयाए णं भन्ते ! जीवे किं जणयइ ? एगग्गमणसंनिवेसणाए णं चित्तनिरोहं करेइ॥ सूत्र २६-(प्रश्न) भगवन् ! मन को एकाग्रता में संनिवेश (स्थापित-स्थिर) करने से जीव क्या प्राप्त करता है? (उत्तर) मन को एकाग्रता में संनिवेश करने से चित्त (वृत्तियों) का निरोध करता है। Maxim 26(Q). Bhante! What does a jiva (soul/living being) obtain by concentration of mind (ekagrata)? (A). By concentration of mind a being subdues mind (unbridled activities).

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