Book Title: Agam 25 Prakirnak 02 Atur Pratyakhyan Sutra
Author(s): Veerbhadra Gani, Kirtiyashsuri
Publisher: Sanmarg Prakashan
View full book text
________________
પ્રતદર્શન
Jain Education International 2010_02
NEWीव अशा विषमयदविवरण माक्यमहत्ववाद्यनयायनवतिनिमायशःप्युयतनित्यभ्यामानाबाकायद्यायारारमावळामातायामानावयायाग विरमविरतिनिचिन
मामाथिकनक्रियानइत्यवसहार्यकर्तनमुकार्तिनामाच्छाशक्षिावनकिरणामदर्शनारिवाविद्यालयभनयुप्मवैवानवतियक्निलिसियमावदनाकमाण्य वतः निसबालनमामना मातिचारकरटनस्पनिंदमनितानपुनरियामाख्यगमनासापरिकममानक्रियविकिसनचिक्मिाबिरयानावारुपलावब्रायविकिकमावण्माकात्यामलाससकायमा
नवरत्वादायाधयारावयाचाहायबामायणामावत्यास्याननकचनतिरसुवायवकपममामायिकाक्यातपंधमामपिमामाथिकादानामाचारपचकारवाहनवाणफलक्षण विनाशकावहिवनयानाधमध्यायकमाहात्वाशिदेवजिनशासमनशामयादिवशीनांतहशावमामायिक क्लिाधायाश्याचावादकियवसामान्याकनवा विकायतम अपरामायद्यासवायाशावानरवनायकासस्थाननमावधानोवर्मनकडालांचासकमानाDिREAक्रियतशतिनात्पर्याउकामामाविकमवानाकरखावश्दवामाचार
Bायावतवयाचवणायदधाधमान निदबाना मस्त्याचारादर्शनाचारमस्वयष्टविवाहाविमाशत्तरात्मा मांगीवानीनकिरमवविनीमयमय कियामयनमच्चादेशयात्ममयाममवावधात्यायनवनवातनावडसाचतिवशायिनाला करायातकायायायलाहाबाकीनियनिंगडूत्यत्ययकारराजासारख्याजिनामा पानामाबहादयानधामाधवराशतिकर्मदडश्यवसामाधाकवनमानपामंझा दशमीकानिनवाद्धारावामित्व जशिक्यिावनदर्शनाचारविशारदानाजाना। विवादमादानासाविसमानावासहानयादिबक्यावादस्वारिकारसदामाताविभिनरिचणकएचबंदनवप्रतिपजिवायअमनमानवालाविपाछा दयारवंध्यवास्विहिताना तथावाबदाखाचारिशिया विनियावंदनकाया मानिनक्वनाश्रधालन दिर्वानातावादिल्यावश्यामवीनादिया मंगनाअनामयमा नियनियतिल्लिनमा कारोवमानानसशविनयकरमानकनवंदनावावविधिमा विधिवनदायिाशवदावदितत्यायवर्विशत्यायकरिवहनयावकियानावा विरिण सिवानावासहीनाउनर विचाराचारदीनाकारायासावतामारपिविशेषणशास्लाई भनिदिमवदनाकननानादीनांयदिनामधामवधियाना-दिग्वाह
यनपत्तिकामककास्यास्यास्यामकारखानावस्याविषयनिकमादिनार्या जनावराचरामानावासदीनाकपुनरपिचतिधिहकरसकमाकरणम्यहासनावपरीतषश्यया। पहिचविभिनायचूनिंदन समावेमक्कन मिनिटपरमाधिकममत्याशकिरनशनकरिथमीनिायडररीकरणातस्मााडाबजाना निवर्तवेतलनिकमपन्यासकार पिालनपक्किमाहानातवामविज्ञानामायक्षायोस्कयतास्यवहानगवानुमुक्षोपयटिकमयागलीनाबजायटिकायााक्यलिहाईहिसावणमनिमति। अनिकामविश्वासिमाबादायबान्तवरातिमादिकास्यशाळमंकमपालनकापायातनावयाइएवम्यस्तादन हिमश्रास्त्रधारण करकादिवसावत्रणप्रतिवद वायडयातमश्याचिकिमानताकारसवकृपेयम्यचकिमाछायणातखतीकारकारासबरसानिमादिकामोकचन्तामनिवनागपनाखदमोनहानी कन्यानाकनकात्यामार्गणम्कायामामदनिराकारणबानिप्रावधानकरमनिकिंतचाईनाशाखा विवडताश्यकती सियविािकामायणकममा मकाउमाशाजदमुडियाातको विधेडावालासंदरियालवराहविहंकस्मसंघायनानिसामरीमखिया अवलडमनमवणाकास्यायवाणाकणा रक्यहायकाय वाबनवानाणाम्राउयुवाश्त्यमबम्वादयानावराश्यामवरणाच्या निनष्काविशवछताएकत्रज्ञाननयमाधीधाम श्यामनवान इयत्फकं त्रयस्वकिसनरामवाविवकासमवएश्यनियरिलताप्राचारजयशुद्धिोधाचाकनाधउपचमाचारावकगाश्यवाहाय
न. १७८८२ 1. नं. 3५८ શ્રી હેમચન્દ્રાચાર્ય જૈન જ્ઞાનભંડાર, પાટણ. संत : संस्तारकप्रकीर्णकावचूर्णिः ।। कृतिरियं श्रीगुणरत्नसूरिणाम् ।।छ।। ग्रन्थाग्राम-९५० ।।छ।। २३ात : अहम् ।। चतुःशरणविषमपदविवरणम् । सावद्य० सह अवधेन पापेन वर्त्तन्त इति...
For Private & Personal Use Only
asthanममाहाजन-साधारमनवानेवासावधाकारत्रयायकारककारमावास्यास्ममारादतनयमानयानकमरियI कनीकी Imintriyaमियासिसर्वमानास्वनकायपराकाशनकनायराधानाथमावस्याएयरक्दापकारचमनुशासानाचारावरण्याइसवारयगानाम्पस वरवनिनिय वितयारमुश्विनत्याराहननक्कायमा
OLARचिटिनसनकायायामानस्यानाननगमनागमनमनमशावानमानिननंतकाबननवानuaeतमासा दमम्मामति दिजारीरान अगावस्कारासयत-क्कापकदमयामाहाखामदासरुममन्सदोपिगमनिस्वासयमनिक्षमादमधिनताकमयामियम घामायणमनसुकस्वसश्स्यवायम्मनसवसाजीवomoपश्यश्त्याचमतिपकारपादागितारिखमाजसुजयदश्वनकर्मसारवाश्याजिर्जवलकाकारानटनटे कममायविधाबातिम्फटयनियम्याक्वंयामाधाक्दिारितासमात्याविष्कारिणशवदनाममविश्तिम्स्यिाविक्षपनाईनियामका स्याम्मानिंददतिमात्रात्यपिनसम नियाराश्वास्त्रिारात्यप्रियणातपादाबायममरामिरिधागवाहिनीवासलायायाधालासरता ययनकक्षागुणत्या/प्रधानविहारिणप्रायका प्रामदैवागत अश्मिास्वंफनमा प्रेसकामलादयाकिंगनिवाबायकवदितावननकावचासिद्वांतक्रत्याक्संगनेजानीरोड दिनमान्यायातिकिंमनिनीयतमयमयदरकाशया रामपुरात यापजाद्याक्दमापकत्यमायपासाद्या-कर्मिनकरोककलेअसक्सुनस्ववनासतानाबस्याहम्मत्याकायाकाशानक्वजावाट्यविनशममाEmकाले HिAREष्टविश्वकर्मालपाययनियनयमावबारामीनारस करारायसीरियरवालयस्पचिवामणवाटतीवितामवासिहायःक्षणकर iPEवासघाउमटवमुकटाकिंततःसयममायानियमापनस्कनजनकनविविवाशक्तितिकासम्यावसामायिकैचारित्रमित्यर्षानदादिसिमाना पात्वावित परिकर्मिीतामदयामायितवाक्ष्स्पयर नियात-पाकतावनाम जाटारिकारवियायम्हारारिमधिमयकीन बवायचकनकाचबिखरनस्यापिरजत्रया.. रुससतिश्रीसंकपाकारानवमित्याबदागामापादवाना कसाबतिलाकमायादवमामुलसनित्तावकंजूनाऽसतयनारिम्पराकमा
सागकरमाननाखामहामुकरवामनरावचइचवमा सुवपदघरसफशस्थानाधीक्याकएकसमयएकमरियाटामदारकाzacan सकरातिमातारागादिशबहावनकममालयनयकारवातSARचामासाहानामदाममाडवायागनरवनवmulatino मिटिलसनामामाहान निधारावाहिकमगलाययमानानमाधमुकदादावामदानापयुकम्पवणीदिशनाविदवाप्तिमामावि ड
रपदासायियोल्माकास्तमेरपशिलम्याकबधिमंडलपस्किानयासबसपकिरतपस्वयपाडनाचाडापावामोग्राम विधार्यकर्यटनासानायायागप्रकावलास्चिाकमवावावणस्विनामात्रामादनाम्यनमदाषसम्वइकामचनमावडलनलावलमहकमला anममा परिनीलाममनस्याआतपरतापवण्यापतिकारणमयात्मडनामुनाम्ममारकगनमारस्वाममनायुसमननारा दिया सटामस्तस्यसचिवसाहतसावासको निासारवाडाभिःत्यवालिम्मद १२श्मनश्करकमीकाववकिस्सारयागरमालामा
www.jainelibrary.org
Page Navigation
1 ... 36 37 38 39 40 41 42 43 44 45 46 47 48 49 50 51 52 53 54 55 56 57 58 59 60 61 62 63 64 65 66 67 68 69 70 71 72 73 74 75 76 77 78 79 80 81 82 83 84 85 86 87 88 89 90 91 92 93 94 95 96 97 98 99 100 101 102 103 104 105 106 107 108 109 110 111 112 113 114 115 116 117 118 119 120 121 122 123 124 125 126 127 128 129 130 131 132 133 134 135 136 137 138 139 140 141 142 143 144 145 146 147 148 149 150 151 152 153 154 155 156 157 158 159 160 161 162 163 164 165 166 167 168 169 170 171 172 173 174 175 176 177 178 179 180 181 182 183 184 185 186 187 188 189 190 191 192 193 194 195 196 197 198 199 200 201 202 203 204 205 206 207 208 209 210 211 212 213 214 215 216 217 218 219 220 221 222 223 224 225 226 227 228 229 230 231 232 233 234 235 236 237 238 239 240 241 242 243 244 245 246 247 248 249 250 251 252 253 254 255 256 257 258 259 260 261 262 263 264 265 266 267 268 269 270 271 272 273 274 275 276 277 278 279 280 281 282 283 284 285 286 287 288 289 290 291 292 293 294 295 296 297 298 299 300 301 302 303 304 305 306 307 308 309 310 311 312 313 314 315 316 317 318 319 320 321 322 323 324 325 326 327 328 329 330 331 332 333 334 335 336 337 338 339 340 341 342 343 344 345 346 347 348 349 350 351 352 353 354 355 356 357 358 359 360 361 362 363 364 365 366 367 368 369 370 371 372 373 374 375 376 377 378 379 380 381 382 ... 400