Book Title: Upang Prakirnak Sutra Vishaykram
Author(s): Jain Pustak Pracharak Samstha
Publisher: Jain Pustak Pracharak Samstha
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०१९
रा० २०
जी० २१
CHOPRA
आणयपाणयकण्ये
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99
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प्रज्ञा०२२ आतपतिट्ठियखेत्तं आभरणवत्थगंधे
॥ ७॥
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23
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आमंतणि आणमणि
आयरिअ उवज्झाए
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55
आयरिया मंगलं मज्झ आया चक्खाणे
आया में जं नाणे
आयारवं च उवधारवं आयासकिलेसाणं
आया हु महं नाणे आयंके उवसग्गे
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२७-११०१ २७- ११३०
आरंमेसु पसत्ता आराहओ तहवि सो आराहणपश्चइअं
२७-११६३
२२-२०१
आराहणलाभाओ
२१-३३
आराहणार खेमं आराहणापडागागहणे
२२-२०५
२२-१९६
आराहणापुरस्स
२७-३२३ आराहणोवउत्तो
२७-६१० २७-१५७० २७-२५० २७-१४५१ २७-१४४ आराहेऊण विऊ जहन्न
""
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२७-१३२१ २७-१८३९
आराहेऊण० सत्तट्ठ भव० आरुग्गमविग्धं खेमियं
२७-८७ २७-१२७४
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आराहेऊण उक्कोसेण य आराहेऊण विऊ
"
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आरुहिअमहं सुपुरिस !
२७-८१३ आरुहियचरितभरो २७-१३५७ आलोइयनिस्सल्लो २७-३१९ आलोयणाइदोसे
२७-३२७
"
आलोयणाइ संलेहणाइ
२७-३११ २७-३५५ आवलिआइ विमाणाण
२७-३५१ आवलियमुहुत्तग्गे
२७-१२४
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आवलियाइ विमाणा
२७-२६४ २७-१५५४ २७-२७१ २७- १५५३
२७-२७२
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आसपुरा सीहपुरा आसरिया य मणोहर० आसवदारेहिं सया संवरनिज्जर २७- १५५५ आसीअ पोअणपुरे आसी कुलाणनयरे आसी गयसुकुमालो २७-२९३ | आसी चिलाइपुत्तो
२७-८५२ २७-५९२
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२७-१५८५ २७-७०
२७-१३५४
२७-१३५९
२७-१३१६
२७-११३६
२४-७
२४-१२
२७-११३७
२५-६२
२७-१६८९
२७-१८५४
२७-६०९
२७-६४२
२७-६६७
२७-६७३ २७-६७२
सूर्य०२३ जं० २५ नि० २६
प्रकी०२७
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