Book Title: Jain Shikshan Pathmala
Author(s): Jain Pustak Prakashak Karyalaya Byavar
Publisher: Jain Pustak Prakashak Karyalaya Byavar

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Page 31
________________ (२५) ६ ख या भुजा से पलाठी चांधकर नहीं वैठना. '१० लंबे पैर पसार कर नहीं बैठना.. ११ पैर पर पैर चढा कर नहीं बैठना. १२ वारी वगैरह में उंचे चढ कर नहीं बैठना. १३ गुरु से उंचे आसन पर नहीं बैठना. १४ गुरु को भीड़ कर नहीं बैठना. १५ पंक्ति में बैठना मगर इधर उधर ज्यों त्यों नहीं बैठना. १६ गद्दी तकीये बिछाकर नहीं बैठना. १७ वैठने की जगह के लिये तकरार नहीं ___ करना जहां स्थान मिले वहां बैठ जाना. १८ गुरु के आसन पर बैठना नहीं तथा गुरु के धर्मोपकरणको पैर लगा कर । भाशातना नहीं करना. पाठ १३वां व्याख्यान श्रवण करने की विधि. १ न्याख्यानदाता व्याख्यान देने को आ वें और व्याख्यान देकर जावे उस • . समय श्रोताओं को उठ कर खड़े होना.

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