Book Title: Agam 13 Upang 02 Rajprashniya Sutra Raipaseniyam Terapanth
Author(s): Tulsi Acharya, Mahapragna Acharya
Publisher: Jain Vishva Bharati

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Page 340
________________ तुसारकूड-तोरण ६४७ तुसारकूर [तुषारकूट] जी० ३१११६ तेत्तीसम [त्रयस्त्रिश] रा० १६४ तुसारपडल | तुषारपटल ] जी० ३१११६ तेमासिय [त्रैमासिक] ओ० ३२ तुसारपुंज [तुषारपुञ्ज जी० ३।११६ तेभासिया [त्रैमासिकी ] ओ० २४ तुसिणीय [तुष्णीक ] रा० ६४,७०१,७६२ तेय [तेजस् ] ओ० २२,४७,५७,६५,७१,७२,१८२. तण [तुण] रा० ७७ रा० ६१,१३३,७२३,७७७,७७८,७८८,८१३. सूणइल्ल [तूणावत् ] औ० १,२ जी० ३१३०३,५८६,११२२ तूणइल्लपेच्छा [तूणावत्प्रेक्षा] ओ० १०२,१२५. तेयंसि तेजस्विन् ओ० २५. रा०६८६ जी० ३१६१६ तेयग तैजस ] जी० ४१७९ तूयर [तूबर] रा० २७६,२८० तेयगसरोरि तैजसशरीरिन् ] जी० ६।१७०,१७४ तूल तूल ] ओ० १३. रा० ३७,१८५,२४५. तेयय [तै जस] जी० १११५,५६,६४,७४,७६,८२, जी० ३१२६७,३११,४०७ ८५,६३,१०१,११६,१२८,१३५ तूली [तूली] रा०२४५. जी० ३.४०७ तेया [तैजस | जी० ३।१२।६; १८१ तेइंदिय [त्रीन्द्रिय] जी० १।८३,८८,६०; २।१०१, तेयासमुग्घात [तैजससमुद्घात] जी० ३।१११३ १०३,११२,१२१,१३६,१३६,१४६,१४६; तेयासमुग्धाय [तैजससमुद्धात] जी० ३।१५७ ३११३०,१६८, ४१,४,१३,१८ से २१,२४, तेयाहिय व्याहिक ] जी० ३.६२८ २५; ११,३,५; ६।१,३,५,६,१६९,२२३,२३?, तेर [त्रयोदशन् जी० ३।२६६।५ २५६,२६४,२६६ तेरस [त्रयोदशन् ] ओ० १५५. रा० १८८. तेउ [तेजस्] जी० १११२८,१३३; २११३०; जी० ३.३४ श८; ६।१९४,२५७ तेरासिय [वैराशिक] ओ० १६० तेउकाइय | तेजस्कायिक ] जी० ५।६,२६; तेल्ल [तैल] ओ० ६३,६२,६३. रा० १६१,२५८, ६१८२,१८४,२५६,२६२,२६६ २७६. जी० ३।३३४,४१६,४४५ तेउक्काइय [तेजस्कायिक] जी० ११७५,७६,७६, तेल्लम तैलक] जी० ३१५८६ ८०; २२१००,१३६,१३८,१४६,१४६; २१,१३. तेल्लापूय [तैलापूप] ओ० १७०. जो० २।२६० १८,२०, ८.१,५ तेल्लापूव [तैलापूप] जी० ३।८६ तेउलेस्स [तेजोलेश्य] जी०६।१८५,१८६,१६६ तेवण्ण [त्रिपञ्चाशत् ] जी० १२१११ तेउलेस्सा [तेजोलेश्या] जो० ३।११०१ तेवीस [त्रयोविंशति ] जी० ३१७३६ तेंदिय [वीन्द्रिय] जी० ६१६७, २२१,२२६,२५६ ।। तोण [तूण] ओ० ६४. स० १७३,६८१. तेंदुय [हिन्दुक] जी० ११७२ ___ जी० ३.२८५ तेजससमुग्धाय [तेजससमुद्घात] जी० ३।१११२, तोमर तोमर] ओ० ६४. जी. ३१११० तोमरग [तोमराग्र] जी० ३१८५ तेणाणुबंधि स्नानुबन्धिन् ] ओ० ४३ तोय [तोय ] ओ० २७ तेणामेव तत्रैव] रा० ७५४ जी० ३१४४३ तोयपट्ट [तोयपृष्ठ ओ० ४६ तेणिस [तनिस जी० ३।२८५ तोरण तोरण] ओ० १,२,५५,६४. रा० २० से तेतलि [तेजस्तलिन, तेतलिन् ] जी ३१६३१ २३,३२,१३८ से १६१,१७३,१७६,२०२,२३४, तेत्तीस [त्रयस्त्रिंशत् ओ० १६७. जी० १०६६ २७७,२८१,२८८,३१२,४७३,६४५,६५५,६८१ Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org

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