Book Title: Agam 13 Upang 02 Rajprashniya Sutra Raipaseniyam Terapanth
Author(s): Tulsi Acharya, Mahapragna Acharya
Publisher: Jain Vishva Bharati

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Page 350
________________ देवदीव-देस देवदी [ देवद्वीप ] जी० ३७७६,७७७ drator [aate ] जी० ३१७७६,७७७ agger | देवदुदुह । रा० २८१. जी० ३३४४७ देवस [ देवदृष्य ] रा० २७४, २८५, २६१, ७५६. जी० ३१४३६, ४४३, ४५१, ४५७ देवद्दार | देवद्वार ] जी० ३:८८५ देवthar [ देवद्वीप ] जी० ३२७७६,७७७ देवपरिसा [देवपरिषद् | ओ० ७१. २० ६१ देवभद्द [ देवभद्र ] जी० ३ : ९४२.६५१ देवमहाभद्द | देवमहाभद्र | जी० ३६४२,६५१ देवमहावर [देव महावर ] जी० ३१६५१ देव [ दैवत ] ओ० २,५२,१३६. ० ६,१०,५८, २४०,२७६,६८७,७०४,७१६,७७६. जी० ३।४०२, ४४२ देवया [देवता] ओ० १३६ देवरमण [ देवरमण ] रा० ७८,८०,८२,११२ देवराय [देवराज ] जी० ३६१६ से ९२२,१०३६ से १०४४ देवलोग [देवलोक ] ओ० ७४१२, १४१. रा० ७६६. जी० ३।६३० देवलोय [ देवलोक ] ओ० ७१,७२, ७४१२,८६ से ६३. रा० ७५२,७५३. जी० ३६३० देववर | देववर ] जी० ३।६५१ देवविमाण [ देवविमान ] रा० १८७ देवसण्णिवाय [ देवसन्निपात] रा० २८१ देवनिवाय [देवसन्निपात ] जी० ३।४४७ देवसमवाय [ देवसमवाय ] जी० ३।६१७ देवसमिति [ देवसमिति ] जी० ३१९१७ देवसमुदय [ देवसमुदय ] जी० ३१११७ देवसमुद्दग [देवसमुद्रक] जी० ३२७७८ देवसयणिज्ज [देवशयनीय ] रा० २४५,२४६,२६१, ३५३, ४१४, ७६६. जी० ३१४०७, ४०८,४२३, ४३६, ४४३, ५१६,५२६,६५०, ६७३, ७५६ देवक्ख [देवौख्य ] ओ०७४/२ देवापि [ देवानुप्रिय ] २०,२१,५२, ५३, ५५, Jain Education International ६५७ ५६,५८,६०,६२,११७,११८, १२० रा० ६, १०, १३, १४, १७, ५८, ६३, ६५, ७२, ७३, २७६, २७८, ६५४,६८१,६८७ से ६६०, ६६५, ७०४,७०६, ७१३, ७१४,७१८, ७२०, ७२३,७५१,७६५. ७६८,७७४,७७५,७७७,८०२. जी० ३१४४२, ४४४,५५४ देवाणुभाग [ देवानुभाग ] रा० ६६७ देवा भाव | देवानुभाव ] २० ५६,६३,६५,०३, ११८,११६, १२२.७६७ देविंद [देवेन्द्र ] जी० ३३६१६ से ९२२, १०३६ से १०४४, १०५५ देविड | देवधि ] ओ० ७४२ ० ५६,६३६५. ७३, ११८, ११६.१२२,६६७७६७ देवित्त [ देवीत्व ] जी० ३।११२८ से ११३० देवी [ देवी ] ओ० १५,५५,५८,६२,७०,०१,८१. रा० ५,७,१५ से १३, ४८, ५४ से ५८, १८५, १८७,२४०,२७६,२८०,२८२,२५६ से २६१. ६५७, ६७२, ६७३, ७५१,७७६,७६१ से ७६४, ७६६. जी० ३३१६८ से २०६,२१७,२३७, २३८,२४३,२४६,२४७, २४६, २५०,२५६, २६७, २६८, ३५०, ३५८, ३६०, ४०२, ४४२, ४४६,४४८, ४५५ से ४५७, ५५७, ५६३,६३७, ६५६,७६०, ७६३, १०२३, १०२५, १०२८, १०३, १०३२, १०३४,१०३६,१०४११०४२, १०४४, ११२२, ११२६; ६।१,६,७,१२ ६ २०६, २१४,२१८, २२० der for [देवोत्कलिका ] २० २८१ { देवज्जोय | देवत] रा० २८१. जी० ३।४४७ देवोद [ देवोद ] जी० ३।७७६,७७७, ६४३,६४४ देवोar | देवोदक | जी० ३१७७८,७७६ देस [ देश ] ओ० १६, १६५११० रा० १७४, १८०, १५२,१४,१८,१६२ से १६७,७६५,७७४, ८०४. जी० ११४,५; ३ २६६ से २६६, २८६, २६२,९६४,२६६,५७० से ५६६,६४०,६५, ६६४,७०२,७२६,८०८, ८२६,८५७,८६३, ८६६,८७५,८८१ For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org

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