Book Title: Rajasthan ke Jain Shastra Bhandaronki Granth Soochi Part 2
Author(s): Kasturchand Kasliwal
Publisher: Prabandh Karini Committee Jaipur

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Page 348
________________ . र स्फुट साहित्य ] २२६४ सम्बन्धोद्योत-मसानंद । पत्र सं० १४ । साइन-१०४४ इन्च । भाषा-संस्कत । विषय-व्याकरण । रचनाकाल x | लेखनकाल ४ । पूर्ण एवं शुद्ध । दशा-सामान्य | टन नं. १६३३ विशेष-- प्रति सटीक है । टीका संस्कृत में है। २२६५ संग्रह ....."। पत्र सं० २४४ । साइज-११४७३ इन्च । भाषा-संस्कृत । विषय-संग्रह । रचनाकाल x 1 लेखनकाल X । पूर्ण एवं शुद्ध । दशा-उत्तम । ५ ५२६ । विशेष- इस संग्रह में तत्त्वार्थ सूत्र, पुरूषार्थसिद्धय पाय, याप्तपरीक्षा, ग्रानानुशासन, प्रतिष्ठा पाठ, जिनसहस्रनाम स्तोत्र, सामायिक, श्रु तमक्ति श्रादि का संग्रह है। २२६६ साधुवंदना-बनारसीदास | पत्र सं० २। साइन-Ex: इञ्च । माषा-हिन्दी | विषय-स्तवन । रचनाकाल x | लेखनकाल ४ । पूर्ण एवं शुद्ध । दशा-सामान्य । वेष्टन नं० १९६० | २२६७ सारवावनी....."। पत्र सं० = | साइज-10x6, इन्न । भाषा-संस्कृत | विषय-सुभाषित । 1 रचनाकाल । लेखनकाल-सं० १७४५ पौष बुदी १० शुक्रवार । पूर्ण एवं शुद्ध | दशा-सामान्य । वेष्टन नं. १२०३ । विशेष-बाराबड में कनक सागर ने लिपि की थी। २२६८ सारस्वत व्याकरण-अनुभूति स्वरूपाचार्य । पत्र सं० ४३ | साइज-११३४५ इञ्च । माषा-संस्कृत । विषय-व्याकरण । रचनाकाल X । लेखनकाल ४ । पूर्ण एवं शुद्ध | दशा-सामान्य । वेष्टन में० २०५१ ॥ विशेष-प्रति संस्कृत टीका सहित हैं। २२६६ सिद्धहेमशब्दानुशासन वृत्ति...! पत्र सं० २५२ । साइज-१०४३३ इञ्च । भाषा-संस्कृत । विषय-व्याकरण । रचनाकाल x | लेखनकाल X | अपूर्ण-१-२ तथा २५० से २५१ तक पत्र नहीं हैं। सामान्य शुद्ध । देशा-सामान्य | वेटन नं० २०५८ । २३०० सिद्धान्तमुक्तावली-विश्वनाम पंचानन । पत्र सं० ६७ । साइज-६x४३ इन्न | भाषा-संस्कृत । विषय-न्याय शास्त्र । रचनाकाल X । लेखनकाल–० १८४६ माघ शुक्ला पंचना । पूर्ण एवं शुद्ध | दशा-सामान्य । वेष्टन नं० २०७५ । २३०१ सुगढकदीपक........"। पत्र सं० ११४ ! साइज-११४४३ इञ्च | भाषा-प्राकृत | विषय-स्फुट | रचनाकाल X । लेखनकाल X| अपूर्ण-केवल मध्य के ३७ पत्र हैं। सामान्य शुद्ध | दशा-सामान्य । वेष्टन नं० २१०३ । २३०२ सिद्धिप्रियस्तोत्र-देवनन्दि ! पत्र सं० ७ | साइज-६३४४ च । भाषा-संस्कृत | विषय-स्तोत्र । रचनाकाल x 1 लेखनकाल X । पूर्ण एवं शुद्ध । दशा-जीर्णा । वेष्टन नं० २०५६ । विशेष-प्रति टीका सहित है। टीका संस्कृत में है। २३०३ सुमति कुमति की जखडी-विनोदीलाल ! पत्र सं. ३ । साइज-६x४३ इव । माषा-हिन्दो । त्रियय-उपदेशात्मकवर्णन । रचनाकाल X । लेबनकाल-सं० १७८६ | पूर्ण एवं सामान्य शुद्ध | दशा-सामान्य । वेष्टन नं० २१३४ २३०४ हितोपदेशी.....। पत्र सं० १३ । साइज-१०:४५ इन्च । भाषा-हिन्दी-संस्कृत । विषय-जैन धर्म का बैदिक ग्रन्यों में उल्लेख । रचनाकाल X । लेखनकाल X 1 पूर्ण एवं सामान्य शुद्ध । दशा-सामान्य । वेटन नं. २२५१ !

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