Book Title: Nandanvan Kalpataru 2000 00 SrNo 03
Author(s): Kirtitrai
Publisher: Jain Granth Prakashan Samiti

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Page 14
________________ - अनुक्रम: कृति: कर्ता पृष्ठम् श्रीभोयणीतीर्थभूषणश्रीमा वामिर तवनम SHRIRAM .. .. विजयशीलचन्द्रसूरि: विजयशीलचन्द्रसूरिः विजयशीलचन्द्रसूरिः विजयशीलचन्द्रसूरिः विजयशीलचन्द्रसूरिः विजयशीलचन्द्रसूरिः . २ स्तवनानुवाद श्रीविमलनाथप्रासादप्रतिष्ठाप्रशस्तिः नन्दनवनतीर्थप्रशस्तिः शासनसम्राट्स्मृतिमन्दिरप्रशस्तिः जगद्गुरु-अष्टकम् चरित्र कथा आचार्यवर्यश्रीविजयोदयसूरीश्वराणां जीवनगानम् आस्वाद: चिन्तनधारा प्रेम्णैव प्रेम वर्द्धते मुनिधर्मकीर्तिविजयः १९ ।। HTML मुनिरत्नकीर्तिविजयः मुनिधर्मकीर्तिविजयः मुनिरत्नकीर्तिविजय: ५५ मञ्चः मुनिकल्याणकीर्तिविजय : ५७ Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org

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