Book Title: Agam 03 Ang 03 Sthanang Sutra Part 05 Sthanakvasi Gujarati
Author(s): Ghasilal Maharaj
Publisher: A B Shwetambar Sthanakwasi Jain Shastroddhar Samiti
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अनु. विषय
43 हेवताखोंडे स्व३पडा नि३पा ५४ नक्षत्रों स्व३पा नि३पा
३षवेनीय भट्ठे स्व३पडा नि३पएा लोंडेय और उपयया नि३पा
नववें स्थानका प्रारंभ
५७ सांलोगों विसांभोगि प्ररनेडा नि३पा
५८ आयारांगडे ब्रह्मयर्य३प नव अध्ययनोंडा नि३पा पयर्य गुप्ति स्व३पडा नि३पा
६० ब्रह्मयर्य नवविध अगुप्ति के स्व३पडा नि३पा
११ नव प्रकार सलाव पहार्था नि३पा
६२ नव प्रकार संसारी भुवोंडे गतिजागति जाहिा नि३पा
६३ भुवोंडे रोगोत्पत्ति निमित्ता नि३पा
६४ आंतररोग द्वारा नि३पा
६ यन्द्रयोगीनक्षत्रोंडा नि३पा
६६ वर्तमान अवसर्पिणीमें जलहेव वासुदेवडे पिताडा नि३पाएा
६७ यवर्ती महानिधि नि३पा
६८ नवप्रकार विकृतिडे नाभा नि३पा
६८ शरीर नव छिद्रोंडा नि३पा
७० नव प्रकार एया निपा ७१ पापडे गोंडा नि३पा ७२ पापश्रुता नि३पा ७३ ना ३षा नि३पा
७४ साधुडे गाडा नि३पा
७ नवोटि (नववा ) से शुद्ध लिक्षाा नि३पा
७६ शान हेवेन्द्रो अग्रमहिषीडा नि३पा
७७ हेवनिप्राय स्व३पडा नि३पा
७८ अव्याजाध हेवडे ग्रैवेय विभान प्रस्तरा नि३पा
७८ आयुडे परिक्षामा नि३पा
८० भिक्षु प्रतिभाडे स्व३पडा नि३पा
८१ प्रायश्चित स्व३पडा नि३पा
શ્રી સ્થાનાંગ સૂત્ર : ૦૫
पाना नं.
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