Book Title: Aapki Safalta Aapke Hath
Author(s): Chandraprabhsagar
Publisher: Jityasha Foundation

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Page 84
________________ इसके लिए हैं। पर पुरानी बीमारियाँ अगर रही हैं, तनाव अगर पहले से ही है तो उसको भी तो दुरुस्त करना पड़ेगा। आप थोड़ा संगीत सुना करें, कभीकभी। दिन भर रेडियो या टेप न चलाएँ बल्कि मधुर संगीत, जैसे बाँसुरी या अन्य कोई वाद्ययंत्र जो वातावरण में मधुरता घोल दे, सुनें। अगर खुद बजा सकते हों तो अच्छा है और न भी बजा सकते हों तब भी किसी अच्छे कलाकार की बाँसुरी के स्वर, कभी वीणा-सितार के स्वर आधा घंटे तक चलाइए और उसका आनंद लीजिए। तनाव घटाने के लिए एक काम और कर सकते हैं । वह यह कि यदि आप कभी शाम के समय जब आराम कुर्सी पर बैठे हैं तो एक कागज हाथ में ले लीजिए और चित्र बनाना शुरू कर दीजिए। हो सकता है, आपको चित्र बनाना नहीं आता हो। कोई बात नहीं, आड़ी-तिरछी रेखाएँ ही खींचिए। घोड़ा बनाने की कोशिश कीजिए। हो सकता है घोड़ा नहीं, घास बन जाए। घोड़ा न बने और उसकी जगह मुर्गा बन जाए। कोई बात नहीं, आप अपना काम जारी रखिए। बच्चा जब पहले-पहले कलम हाथ में लेता है तो आड़ीतिरछी चलाता है। जो वह भी करता है, उसे देखकर खुश भी होता है। उसकी कल्पना काम करती है। धीरे-धीरे हो सकता है कि वह पूरा चित्र ही बना डाले। कुछ दिनों के बाद आप भी पाएंगे कि आपने कोई सृजन किया है, कुछ निर्माण किया है। आपने जो कुछ भी निर्मित किया है, उससे आपको बहुत सुकून मिलेगा। सृजनात्मक कार्य का अपना आनन्द है। ऐसा सृजन जो धन कमाने के लिए नहीं होता पर रचनात्मक जरूर होता है। यह रचनात्मकता ही आपके तनाव को कम करेगी। तनाव को कम करना है, तनाव को हटाना है तो एक प्रयोग और कर सकते हैं । वह यह है कि दस-पंद्रह मिनिट के लिए आप लेट जाइए। अपने पाँव के अंगूठे पर अपना ध्यान लगाइए और धीरे-धीरे ऊपर चढ़ते हुए अपने शरीर के एक-एक अंग पर धैर्यपूर्वक अपना ध्यान केन्द्रित कीजिए। जहाँजहाँ तनाव है, खिंचाव है, वहाँ-वहाँ शिथिलता, रिलैक्स होने का भाव करें। इतना रिलैक्सेशन कि आपका तनाव घट जाए। पन्द्रह मिनिट तक किया गया मुस्कान लाएँ, तनाव हटाएँ Jain Education International For Personal & Private Use Only www.jainelibrary.org

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