Book Title: Vaishali Institute Research Bulletin 4
Author(s): R P Poddar
Publisher: Research Institute of Prakrit Jainology & Ahimsa Mujjaffarpur

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Page 227
________________ १४. English Jain Education International 106 Monastic life in Srawana beloga Belgola and Bahubali. ५. १६. Srawanbelgola. It's meaning and message. १७. Bahubali story in Kannada lietrature. १८. New studies in South Indian Jainism Srawana belgola Culture. १९. वीरमार्तण्डचावुण्डराय R. N. Saletore Jaina Antiquary, Vol. V, No. IV, P. P. 123-132. Prof. A. N. Jaina Antiquary, Vol. V, Upadhye No. IV, P.P. 137-140. Prof. S. R. Sharma P. P. 141-143. Prof. K. G. Jaina Antiquary, Vol. V, Kundangur ___No. IV, P. P. 144-146. Prof. B. Sheshgiri Rao P. P. 147-162. हिन्दी For Private & Personal Use Only Vaishali Institute Research Bulletin No. 4 २०. दक्षिण भारत के जैन वीर २१. दाक्षिणात्य जैन धर्म पं० के० भुजबलि शास्त्री जै० सि. भा० ६।४।२२९-२३२ श्रवणवेलगोल में ५७ फीट ऊंची बाहुबली की मूर्ति के निर्माता का प्रारम्भिक जीवन-वृत्त ।। श्री त्रिवेणी प्रसाद वही, पृष्ठ २४९-२५७. आर० ताताचार्य [हिन्दी वही, पृ० १०२-१०९ अनु०-वर्द्धमान हेगडे] डा० कामता प्रसाद जै० सि० भा० ५।११५१-५४ रत्नमयी मूत्तियों का विवरण हिन्दी हिन्दी २२. जनबद्री (श्रवणवेलगोल) हिन्दी मूलवद्री (मूडविदुरे) की चिट्ठी २३. मूडविदुरे में स्थित रत्नमयी हिन्दी प्रतिमाओं का विवरण २४. महाबाहुर्बाहुबलि संस्कृत ४४ पद्य पं० के० भुजबलि शास्त्री दिगम्बर जैन २५।१-२ www.jainelibrary.org जै०सि० भा० ६।४।२४५-२४८ जिनसेनाचार्य कृत आदिपुराण के अनुसार भरतबाहुबलि कथानक ।

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