Book Title: Uttaradhyayana Sutra
Author(s): Sudharmaswami, Jaysundar
Publisher: Sanchor

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Page 139
________________ 200000 Poonaनई एणश्यीयताया एलाणा केवलज्ञान५ ॥an एयाचप्रकारिजानकाह) अनश्व्यगुणमययिता मानांjिal श्रमशानाश्चपादसि ॥य व्यगुणण घटादिक anा माथिकवानाधाएपंचविनाणदायगुणाणयायवाचसायसिमानाणीदिदसिणधार बलादिकग्राम्यया एलाणातपर्यायणकऽव्यादिकघणाईगुणाप्रशियादिकवनयविननई धर्मालिका अधर्मासिकाय अाकाशा गाणग्रामदछगदवसियागुणालरकरांयधवाजाजतपत्रमियानावाशायामाप्रामाशायास का कायधपात्लास्तिकाययजीवदयनकारिअवलोक हिकहित पकासि धम्मस्तिकायव्ययायधनिकायच्या अाकाशास्त्रिकावश्य एलायामालगाया।एमालागानियाला मिणEिnवरदंमिलिंगाधाम्माशहरमायामासादविवाह एकसंख्याकदिनकालानालामाकीवरव्यअनंतसमाररच्या रणसंकरीमवसुतगतिवईतिधर्मास्तिकाय नक्षणाअनजीर इस वसुनिश्चलप्राथिितकायनका याप्रताणियदराणिकालायागालाnal/58श्वरकरणाशमाहामांगलिकणासाय ध्यमांमधलाऽऽव्यतामाकागजवगारमाभूनकरण परावर्तसदिनलक) कालकही। जीवनपयोगजोशगयासिदिनाई। जोतिकारीदर्शनका मारवर करा। एमबदधानाहरकणारयावरणालरकाशाको शिला जावावगनरकरणादसणणासह विकराजीवजन्नधी॥१५ ज्ञान दर्शन नई चाखि तय, वायचिार अनइंश्ययोगाएध्ययोगलक्षणलरिंगा शगंधकार यहरहणायायामाणधदसणाचा परिसंवादातमा वारियनवागायाण्यंजीवरमालरकाशामधया योतिमिरनादिकपसाचंजादिकखामा यातयताकावारिसगंधफास पपुललाजा रणनं ।।२२ एकञ्चय" जून्यायसखा संचा खाद्या पदाहायानावश्चास्वरसगंधकासारयामालाणउतरकणाणागतववाहसंचासंवासंगमस्या SIST

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