Book Title: Shabdaratnamahodadhi Part 2
Author(s): Muktivijay, Ambalal P Shah
Publisher: Vijaynitisurishwarji Jain Pustakalaya Trust Ahmedabad

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Page 783
________________ १५९० शब्दरत्नमहोदधिः। [बृहत्सेना-बृहद्बीज बृहत्सेना स्त्री. (बृहती चासौ सेना च) भोट सेना- | बृहद्धनुष त्रि. (बृहद् धनुर्यस्य) मोटा धनुष्यवाणु. स२४२. बृहद्नुस पुं. (बृहद्नुसमस्य) सभी... 23 २५%81. बृहदग्नि त्रि. (बृहन् अग्निः यस्य) सन २८ | बृहद्धन पुं. (बृहद् धनमस्य) वाशी . 2.5 २८%t. અગ્નિવાળું. (त्रि. बृहद् धनं यस्य) घ धनवाणु, पुष्ष्ण धनवाणु. बृहदङ्ग त्रि. (बृहदङ्गं यस्य) मोटा शरीरवाणु, मोटर बृहद्बल न. (बृहद् बलं) भोटुंबण. (त्रि. बृहद् बलं सवयवाj. (पुं. बृहद् अङ्गमस्य) डाथी. यस्य) अत्यन्त जवान, घumवाj. बृहदङ्गी स्त्री. (बृहद् अङ्गं यस्याः ङीप्) भो। शरीरवाणी बृहद्ब्रह्मन् पुं. (बृहन् चासौ ब्रह्मा च) संगिनी स्त्री, ए. એક ઋષિ. बृहदम्बालिका (स्त्री.) ति:स्वामी.-. अनुय२ . बृहद्भट्टारिका स्त्री. (बृहती चासौ भट्टारिका च) हुवी, भातही पावत. बृहदम्ल पुं. (बृहन् अम्लो रसो यस्य) मे. तर्नु बृहद्भय पुं. (बृहन् भयो यस्मात्) सावा मनुनी में 3-5२मान 3. पुत्र. बृहदश्व पुं. (बृहन् अश्वो यस्य) श्रावस्त्य. २०% नी. 2. बृहद्भानु पुं. (बृहन्तो भानवः किरणाः अस्य) भनि, पुत्र, ते नमनी में ऋषि. ચિત્રકવૃક્ષ, ઈન્દ્રસાવર્ણી મન્વન્તરમાં હરિનો અવતાર. बृहदसृङ्मति पुं. (बृहती असृजि मतिर्यस्य) (भूत, बृहद्भाव पुं. (बृहन् भावो यस्य) मे तर्नु पक्षी. पिशाय. बृहद्रण, बृहद्राज (पुं.) वाशी . मे. मावी. २0%t. बृहदारण्यक (न.) ते. नामर्नु मे 6पनिषद. बृहद्रथ पुं. (बृहन् रथोऽस्य) छन्द्र, भौर्यवंशम .. बृहदिषु पुं. (बृहन् इषुर्यस्य) सभीढन पुत्र२१%, થયેલો તે નામનો એક રાજા, આંગિરસ અગ્નિનો હર્ય વંશનો એક રાજા. એક પુત્ર, મગધ દેશનો એક રાજા, જરાસંઘનો પિતા, बृहदुक्थ (पुं.) अश्वमेघ यश. अग्निवंशी. त५. नमन। ચેદિરાજ વસુનો એક પુત્ર. २0%1नो पुत्र, ते. नामनो अग्नि. (न. बृहच्च तत् । बृहद्रथन्तर (न.) ते. नामनी में सामवेहन विमा. उक्थं च) महान स्तोत्र. बृहद्राविन् पुं. (बृहत् यथास्यात्तथा रौति, रु+णिनि) बृहदुक्ष (पुं.) ४गतसष्टि श्यना२ प्रति . એક જાતનું ઘુવડ પક્ષી. बृहदुत्तरतापनी स्री. (बृहती चासौ उत्तरतापनी च) ते बृहद्प पुं. (बृहन्ति रूपाणि अस्य) ते ना. मे. ननु, उपनिषद. म२६५. बृहदेला स्त्री. (बृहती चासौ एला च) मोटी अदायी.. बृहद्वत् पुं. (बृहत् साम तदस्यास्ति स्तोत्रतया मतुप् बृहद्गर्भ पुं. (बृहन् गर्भो यस्य) शिलि. २0%नो पुत्र.. मस्य वः) 'उत्सामस्तोत्र'था. स्तुति. ४२५८ वाय.5 बृहद्गु (पुं.) तनामना. स. २0%81.. ईन्द्र, अ. 4t२ नो. य. बृहद्गुह, बृहद्गृह पुं. (बृहती गुहा यस्मिन्/बृहन्ति बृहद्वती स्त्री. (बृहत्+अस्त्यर्थे वत्+स्त्रियां ङीप्) ते. गृहाणि यस्मिन्) २५ नामे देश-मुहेवांउ. નામે એક નદી. बृहद्गोल न. (बृहत् गोलमस्य) तरच्य. बृहद्वल्क, बृहद्वल्कल पुं. (बृहद् वल्कोऽस्य/बृहद् बृहद्दर्भ (पु.) प्रक्षे युवंशी. ते नामनी में A%.. वल्कलमस्य) . तनु, सोनु, वृक्ष, Atul६२र्नु बृहद्दल पुं. (बृहन्ति दलानि अस्मिन्) डिंतर वृक्ष, । जाउ. લોધર વૃક્ષ, લાલ લસણ. बृहद्वात पुं. (बृहद् वातो यस्मात्) ५५रीन. बृहद्युति त्रि. (बृहती द्युतिर्यस्य) घu buj, ॥ એક જાતનું ધાન્ય. ॥शवाणु. (स्री. बृहती चासौ द्युतिश्च) घj. ते४, बृहद्वारुणी स्त्री. (बृहती चासो वारुणी च) माउन्द्र બહુ પ્રકાશ. વારુણી વનસ્પતિ-ઈદરવરણી વેલ. बृहद्द्युमन् पुं. (बृहद् द्युम्नं अस्य) त नामनो बृहद्बीज पुं. (बृहन्ति बीजानि यस्मिन्) साम्रात:11. જંગલી આંબો. Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org

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