Book Title: Jain Vidya 04 Author(s): Pravinchandra Jain & Others Publisher: Jain Vidya Samsthan View full book textPage 5
________________ विषय-सूची क्र.सं. विषय लेखक लेखक पृ.सं. प्रास्ताविक प्रकाशकीय डॉ. जयकिशन प्रसाद खण्डेलवाल 15 श्री नेमीचन्द पटोरिया महाकवि धनपाल डॉ. योगेन्द्रनाथ शर्मा 'अरुण' 21 महाकवि धनपाल डॉ. प्रादित्य प्रचण्डिया 'दीति' प्रारम्भिक 1. महाकवि धनपाल व्यक्तित्व एवं कृतित्व 2. भेंट-कवि धनपाल से 3. भविस को माता की शिक्षा 4. कहाकवि धनपाल की काव्य प्रतिभा भविस को मुनिराज का उपदेश 6. भविसयत्तकहा का साहित्यिक महत्त्व • 7. दुर्जन : महाकवि धनपाल की दृष्टि में भविष्यदत्तकथा-विषयक साहित्य एक अनुशीलन अपभ्रश का शिखर महाकाव्य भविसयत्तकहा 10. भविसयत्तकहा का भाव-बोध . 11. भविसयत्तकहा का कथारूप 12. भविसयत्तकहा का धार्मिक परिवेश महाकवि धनपाल डॉ. कपूरचन्द जैन डॉ० श्रीरंजन सूरिदेव (डॉ०) प्रो० छोटेलाल शर्मा डॉ० गदाधरसिंह श्री श्रीयांश सिंघईPage Navigation
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