Book Title: Suyagadanga Sutra
Author(s): Sudharmaswami,
Publisher: ZZZ Unknown
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ऊंट तथा पर नवाघोकायाग सादिकनीनापाणी बधामायवा अनेराकाहिंकपावै कापतोहोर अनेरानीअनु गनिमआषहीकोपई
मोदनाकर णता नवागणवाघाडगाणवांगहनावासयामवधरानकतिअन्लेणाविकम्पावतिकायतपिअनेसम्म लापरमोटईपापकर्मईमारतमाथकोइएक० अराधेशमाथको अथवाभाननेर छका अथवाअघि
बेकरी
कारादिका जागतितासमदमांनाaalaaसानिंकेसादाणविकासमायवाखलदाणेवामु रादिकारण पनिना पनि नाचनऊटनामा लापजनामाला यामानामाला
ऊंटनामाला पजनीयाला बोमानीमाण गर्दनमायाजा कोश राहालए गाहावताणबागाहातिनाणवानमालावोगाणसालानबाधाडसाला बागइनसालावाको मुंटांकाने या पोनई अधिकरीन बान अनेरापार्टिबलावई अनेरा बालन अनुमोदई क्रियाक
रनउ दगाबादियाएपडियक्षिन्नासयामाणिका नाम अलेणविनामावतिभामतापलेसमजागति या कर्मउपाही संसारमा हि अथकाइएकपुरूष अपराध रामालोथको अथवाथानने रवलेंउदी अथवा विकारादिकका यह समयाजाबनवनिवासमतिकमाया विकासमा अश्वावलदाण अवामुराधाला पनिना पनिवना ऊफल मणि मोना आनरण आपण अपहरई अपादि अपहरावे अनेरासपा हावतीनागाहाबतित्राणवा कंडलंबामणिवा मानियवासयामप्रवहरविअन्नणविमहबरावति प्रबहरते अनुमोदर
परतेनावी मोटपापकमकराने हिवरंपार्षकिदइनिाऊपारकोपयकोजेकरेनेदेषा पर तेनावामीटका मारमा परिनभएकर
गमावा वादेबाजी
अथकोइएकपुर किसहाकार र पास पिअन्नसमणुजाणविनिासमदयाजावनविसतिनकेणविमादाणविकासमा वाखलदाण। अथवाभाषणानिनः श्रमण बालपनर छत्र क पाचा दि. मान र लष्टिविहायन वस्त्रप्रते
धिरागई वासुराधालएको समणवामानवाबनगवादगंवानंदगंवामनगवाहिगंवा निसिगंवाबेलगांवा
नकररा
मुरद
नर

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