Book Title: Shringar Vairagya Tarangini
Author(s): Somprabhsuri, Nandlal Shraddh, Samyagdarshanvijay, 
Publisher: Smrutimandir Prakashan

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Page 3
________________ ॐ सूरिमन्त्रपंच प्रस्थान समाराधक ग्रन्थश्रेणी-२ (मुख्य लाभार्थी) . पू. मुनिराजश्री भव्यवर्धन वि.म. •पू. मुनिराजश्री मंगलवर्धन वि.म. * श्रीशृङ्गारवैराग्यतरंगिणी .पू. मुनिराजश्री हितवर्धन वि.म.ना सदुपदेशथी पोताना ट्रस्टना ज्ञानद्रव्यनो सदव्यय को छे. कुसुम-अमृत ट्रस्ट * प्रथम संस्करण तथा शातिनगर-वापीना आराधको (सहलाभार्थी) प्रसिद्ध प्रवचनकार पू.आ.म. श्री विजय श्रेयांसप्रभसूरि महाराजाओ सूरिमन्त्र पंचप्रस्थाननी सळंग ८४ दिवसीय, मौन अकांतवासपूर्वक ॐ नकल : १००० साधेल साधनानी अनुमोदनार्थे श्री भूतिबेन राजमल पौषधशाळाना ज्ञाननिधिनी रकमनो सद्व्यय कर्यो छे. आपनी श्रुतभक्ति अनुमोदनीय अने अनुकरणीय छे... ॐ प्रकाशन : २०६० वैशाख वद ४ श्री स्मृतिमन्दिर प्रकाशन, अहमदाबाद सूरिमंत्राराधन समापन समारोह (.प्रकाशक) गिरधरनगर, अहमदाबाद. श्री स्मृति मंदिर प्रकाशन रमेशभाई-दिनेशभाई जैन १२, स्वस्तिक अपार्टमेन्ट, शांतिनगर, आश्रम रोड, * संपादक : मुनि सम्यग्दर्शनविजय roParsoजैन देरासर सामे, अमदावाद-१३. फोन : 27551454 Jain Education Internet R ww.jainelibrary.org

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