Book Title: Digambar Jain 1923 Varsh 16 Ank 11
Author(s): Mulchand Kisandas Kapadia
Publisher: Mulchand Kisandas Kapadia

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Page 8
________________ प दिगंबर जैन। (१) स्वर्गीय दानवीर-सेठ माणिकचंदका महावीरजी-क्षेत्रके सुप्रबंधके लिये २१ चित्र जिस किसी बोर्डिंग, पाठशाला आदिमें सज्जनोंकी कमेटी नियुक्त हो गई है । कमेटी में चाहिये वे श्राविकाश्रम तारदेव बम्बईको शीघ्र १० मेम्बर तीर्थक्षेत्र कमेटीके, १० जयपुर पंचाही लिखे जिससे एक साथ विशेष कापियां यतके व १ भट्टारकजी नियत हुए है। . तैयार करवाकर भेजी जाय । बम्बई-में ऐलक पन्नालालजी दि. जैन वर्धा-दि. जैन बोर्डिंगका ११वां वार्षिः सरस्वति भवनका कार्य अच्छा चल रहा है । कोत्सव आश्विन वदी ६को सेठ लालचंदनी परवार समैये-भाइयों को परवार समानने छिंदवाड़ाके सभापतित्वमें होनेवाला है। अपने रीतिरिवाजोंके साथ सामिल करने का औरंगाबाद पाठशालामें-श्रावण सुदी निश्चय किया है और इसके लिये समैया भाइ१५को पूजन होम आदि होकर सब छात्रोंने योंसे पत्रव्यवहार होरहा है। समैया परवार यज्ञोपवित् धारण किया था। ___ भाई यदि परवार भाइयोंके रीतिरस्म पालना जन्मदिनकी खुशीमें जल्सा-दान- स्वीकार करेंगे तो वे परवार समानमें अब वीर रा० ब० सेठ कल्याणमलजी इंदौरने अपने सामिल हो जायगे । यह उचित हो है । जन्मदिन भाद्रपद वदी ९ को अपनी तिलोक- वर्षगांठमें दान-ला० शिवचरणलाल जैन चंद जैन हाईस्कूलके छात्रों को पारितोषिक जसवंतनगरने अपने जन्मदिनकी खुशीमें १०१) वितरणका जलप्सा होकर स्टेटके प्रधानमंत्रीके संस्थाओं को दान भेना है। सभापतित्वमें किया था तब राज्यके अनेक अम्रितसर निवासी-बा० मुसद्दीलाल. पदाधिकारी व सर सेठ हुकमचंदनी आदि उप- जीने उदैपुर दि जैन विद्यालय के सभी छात्रों के स्थित हुए थे व छात्रोंने हिन्दी, अंग्रेजी संवाद लिये पढनेकी पुस्तकें भेंट भिजवा दी हैं । गायन तथा व्याख्यान किये थे । सेठनीकी तीन पुस्तकें मुफ्त-भूगोलभ्रमण भ्रांति तरफसे भी इन्दौर में पांच संस्थाएं सुचारु रूपसे नामक पुस्तकके तीन भाग पं० प्यारेलालजी चल रही है। अलीगढ़ने तैयार करके प्रकट किये हैं वे विना छात्र चाहिये-सागरकी सतर्क० जैन मूल्य ला• जम्बूप्रसादजी प्रद्युम्न कमारजी रईस पाठशालाके लिये २५ छात्रों की आवश्यकता सहारनपुरको लिखनेसे मिलते हैं। है। जो हिंदीकी योग्यता रखते हों व जिन्हें उपकरण भी बनवा देते हैं- यदि ८ वर्षका अवकाश हो अर्जी भेनें । गणेशप्र- मंदिरोंके लिये सोना चांदीके छत्र चमर चौकी साद वर्णी जैन सं० पाठशाला, सागर। आदि व जरी कामके उपकरण बनाने हो तो वे तीर्थक्षेत्र कमेटी की ओरसे तीर्थरक्षा तीर्थक्षेत्र कमेटी हीराबाग बम्बईकी ओरसे बना फंडका प्रति घर पीछे १) उगाहनेके लिये पांच देते हैं । कमेटी सिर्फ कमीशन लेकर यह कार्य प्रांतमें पांच प्रचारक भेजे गये हैं। कर देती है।

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