Book Title: Satyashasana Pariksha
Author(s): Vidyanandi, Gokulchandra Jain
Publisher: Bharatiya Gyanpith

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Page 53
________________ : महाभारत और सत्यशासन-परीक्षा भगवद्गीता और सत्यशासन-परीक्षा ब्रह्मसूत्र और सत्यशासन-परीक्षा सांख्यकारिका और सत्यशासन-परीक्षा न्यायसूत्र और सत्यशासन-परीक्षा सौन्दरनन्द और सत्यशासन-परीक्षा प्रशस्तपादभाष्य और सत्यशासन-परीक्षा शृंगारशतक और सत्यशासन-परीक्षा मीमांसाइलोकवार्तिक और सत्यशासन-परीक्षा ५. ग्रन्थकार - परिचय प्रमाणवार्तिक और सत्यशासन-परीक्षा न्यायबिन्दु और सत्यशासन-परीक्षा हेतुबिन्दुका और सत्यशासन-परीक्षा प्रमाणवार्तिकालंकार और सत्यशासन-परीक्षा संग्रह और सत्यशासन-परीक्षा ब्रह्मसिद्धि और सत्यशासन - परीक्षा सम्बन्धवार्तिक और सत्यशासन-परीक्षा Jain Education International विद्यानन्द और उनका युग सत्यशासन-परीक्षा विद्यानन्दिका समय विद्यानन्दिकी रचनाएँ तत्वार्थश्लोकवातिक अष्टसहस्री या देवागमालङ्कार युक्त्यनुशासनालङ्कार विधानन्दि महोदय आप्त- परीक्षा प्रमाण-परीक्षा पत्र- परीक्षा सत्यशासन परीक्षा श्रीपुरपार्श्वनाथ स्तोत्र ६. विद्यानन्दिके समग्र अध्ययनकी आवश्यकता मूलग्रन्थ मंगलाचरण और ग्रन्थ- प्रतिज्ञा पुरुषाद्वैत आदि चौदह शासन परब्रह्माद्वैतशासन-परीक्षा [ पूर्वपक्ष ] ब्रह्म एक तथा अद्वितीय है। एक ही ब्रह्म अनेक जड़-चेतन में भिन्न-भिन्न प्रकारसे दिखायी देता है विवर्तवाद ब्रह्मसे प्रपञ्चकी उत्पत्ति For Private & Personal Use Only २३ २३ २३ २४ २४ २५ २५ २५ २६ २६ २७ २७ २७ २८ २८ २८ २८-३४ २८ २९ ३२ ३२ ३२ ३२ ३३ ३३ ३३ ३४ ३४ ३४ ३४ १-४७ ร 9 १-१० २ २ २ २ www.jainelibrary.org

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