Book Title: Tattvartha Sutra
Author(s): Akhileshmuni
Publisher: Sanmati Gyan Pith Agra
View full book text
________________
२०
%-
-
-
-
-
-
२०............. तत्त्वार्थ-सूत्र ..... जराय्वण्डपोतजानां गर्भः ॥३४॥ नारकदेवानामुपपातः ॥३५॥ शेषाणां सम्पूर्छनम् ॥३६॥
औदारिकवैक्रियाऽऽहारकतैजसकार्मणानिशरीराणि ॥३७॥ परं परं सूक्ष्मम् ॥३८॥ प्रदेशतोऽसंख्येगुणं प्राक् तैजसात् ॥३९॥ अनन्तगुणे परे ॥४०॥ अप्रतिघाते ॥४॥ अनादिसम्बन्धे च ॥४२॥
Jain Education International For Private & Personal Use Only
www.jainelibrary.org

Page Navigation
1 ... 23 24 25 26 27 28 29 30 31 32 33 34 35 36 37 38 39 40 41 42 43 44 45 46 47 48 49 50 51 52 53 54 55 56 57 58 59 60 61 62 63 64 65 66 67 68 69 70 71 72 73 74 75 76 77 78 79 80 81 82 83 84 85 86 87 88 89 90 91 92 93 94 95 96 97 98 99 100 101 102