Book Title: Arhat Vachan 2011 01 04
Author(s): Anupam Jain
Publisher: Kundkund Gyanpith Indore

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Page 13
________________ इस सबमें एक अणु Dioxyribose, एक अणु Phosphoric acid तथा Purine या Pyramidine में से कोई एक मिलकर एक संयुक्त अणु बनाता है जिसे Nucleotide कहते हैं। तथा ऐसे कई - कई लाख अणु संयुक्त होकर एक लम्बी श्रृंखला बना लेते हैं जिसमें ऐसी दो श्रृंखला सीढ़ीदार या सर्पिलाकर रचना बनाते हैं। इन दो श्रृंखलाओं में संयोग Nucleotide में उपस्थित नाइट्रोजन व हाइड्रोजन परमाणुओं में एक बड़ी संख्या में हाइड्रोजन Bonding के द्वारा होता है यह डीएनए की रचना है जो निम्न है - He Ho - Ho 04 7 e1 940 NOCLCOTIDE 1 एक अनु इस Nucleotide एडनीन, ग्वानीन, थायमीन या साइटोसीन में कोई एक अणु हो सकता है । (यूरेसिल केवल आरएनए में पाया जाता है) यहां थायमीन वाले Nucleotide की रचना दी गयी है अब ऐसे लाखों अणु निम्न प्रकार से संयुक्त होते हैं - H Po Ho 1 अर्हत् वचन 23 (1-2), 2011 " H Deory - Rebofe - Но Base -H Devey Rilose eH ० Purine व Pyrimidine ये सभी Base तथा Deoxyribose या Ribose - Sugar कहलाते हैं। इस प्रकार बनी लम्बी Chain की वास्तविक रासायनिक रचना निम्न प्रकार से होती है। कार्बनिक यौगिकों की रचना में कार्बन परमाणु को केवल एक मोड के बिन्दु (> ) के द्वारा प्रदर्शित किया जाता (i) है । (i [HAN - हम3 Base P-o- Beory. ridose etty Base 13

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