Book Title: Arhat Vachan 2011 01 04
Author(s): Anupam Jain
Publisher: Kundkund Gyanpith Indore

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Page 12
________________ हैं । इस हाइड्रोजन बॉडिंग के कारण HO के असंख्यात अणु परस्पर संयुक्त हो जाते हैं जिससे वह द्रव अवस्था में आ जाता है। -0-H 12 -H-0---H-0 H H इसी कारण जल में विशेष प्रभाव आ गया है कि अग्नि पर डालने से उसकी उष्मा को शोषित कर अग्नि को बुझा देता है तथा यह Hydrogen bonding टूटने से जल, भाप (जलवाष्प ) में परिवर्तित हो जाता है। अर्थात् सूक्ष्म दृष्टि से विचार करें कि Hydrogen bonding के कारण जल के बहुत से अणु संयुक्त होकर द्रव अवस्था में आ गये तथा अन्य गुण भी परिवर्तित हो गये । उपरोक्त दोनों तथ्यों को जोड़कर कर्म वर्गणाओं तथा गुणसूत्र व डीएनए तथा आरएनए (DNA & RNA) की रचना व उनके प्रभाव पर घटित किया जा सकता है । डीएनए में मुख्यतः तीन यौगिक होते हैं, Dioxiribose, नाइट्रोजन युक्त विशेष रचना वाले Purine व Pyramidine तथा Phosphoric Acid इनके गुण इस प्रकार से हैं - CHO, डीऑक्सीराइबोस प्यूरीन Porine दो प्रकार के हैं HC Ho A एडेबीन Adamine (A) पिरीमिडीन Pyrimiding मुख्यतः तीन है PH CH - нарои CH ное साइटोसीन (CYTOSINE (C) यूरेसिल ORACIL (U) फॉस्फोरिक एसिड (Phosphoric Acid) NH2 0-H 1 OH 14 OH HO 410 उवानीन Guamme (G) 애 11 from 4-0-P-O-H low H Cty. ' H धाखमीन THYMINE 104 मु (7) अर्हतु वचन 23 (1-2), 2011

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