Book Title: Arhat Vachan 2011 01 04
Author(s): Anupam Jain
Publisher: Kundkund Gyanpith Indore
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6.
भास्कर, भागचंद्र, जैन दर्शन और संस्कृति का इतिहास, नागपुर विद्यापीठ प्रकाशन, 1977, पृ. 343
44
जोशी, नीलकण्ठ, पुरुषोत्तम वही, पृ. 112
जैन, हीरालाल, वही, पृ. 347
वही
7.
8.
9.
10. तिवारी, मारुतिनंदन प्रसाद, वही, पृ. 50
11. मिश्र, रामनाथ, 'पूर्व भारत', जैन कला एवं स्थापत्य, (खण्ड-1), पृ. 128
12. जैन, नीरज, 'मगध नरेश महाराजाधिराज रामगुप्त', अर्हत् वचन, (इंदौर), वर्ष 20, अंक-1, पृ. 37
44
13. साप्ताहिक हिन्दुस्तान, समाचार पत्र, 30 मार्च, 1969, पृ. 10
14. बाजपेयी, कृष्णदत्त, इण्डियन न्यूमस्मैटिक स्टडीज, पं. 169
15. शाह, उमाकांत, 'मध्य भारत', जैन कला एवं स्थापत्य (खण्ड-1), पृ. 133
16. बायजेयी, मधूलिका, मध्यप्रदेश में जैन धर्म का विकास, रामानंद विद्याभवन, नईदिल्ली, 1989,
पृ. 123
17. वही, पृ. 123 124
18. शाह, उमाकांत, वही, पृ. 135
19. जैन, नीरज 'तुलसी संग्रहालय, रामवन का जैन पुरातत्व', अनेकांत, वीरसेवा मंदिर, नईदिल्ली, वर्ष
16, अंक-6, पृ. 279
20. पाठक, नरेश, मध्यप्रदेश का जैन शिल्प, कुन्दकुन्द ज्ञानपीठ, इंदौर, 2001, पृ. 250 21. वही
22. वही, पृ. 250-51
23. तिवारी, मारुतिनंदन प्रसाद, वही, पृ. 51
24. वही
25. शाह, उमाकांत, वही, 26. वही
27. वही, पृ. 143
28. वही, . 143-44
58
पृ. 140
29. Simith, V.A., A History of fine Art in India & Ceylon, PI-40A
30. मिश्र, रामनाथ, वही, पृ. 130-31
31. सिंह, वी.पी., भारतीय कला को बिहार की देन,
पृ. 136
32. जैन, भागचंद्र, देवगढ़ की जैन कला, भारतीय ज्ञानपीठ प्रकाशन, नईदिल्ली, 1974, पृ. 68 33. अमलानन्द घोष, जैन कला एवं स्थापत्य
प्राप्तः 31.12.2009
अर्हतु वचन 23 (12), 2011

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