Book Title: Arhat Vachan 2011 01 04
Author(s): Anupam Jain
Publisher: Kundkund Gyanpith Indore

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Page 139
________________ मत अभिमत A wonderful exhibition of a leading manuscript cellection. 1.12.10 - Dr.Nathan katz Professor of Religious Studies Florida International University Miami (Florida) U.S.A. Handsome collection of leading Agama and other manuscripts like Bhaktāmbara Stotra by Acārya Māntungaji. I would like somebody should explore me 'things' I wish to understand. 1.12.10 - Dr. Rajkamal Sanghavi Prof. & Head, Department of Physics, Govt. Holkar Science College, Indore यहाँ पांडुलिपियों एवं अद्भुत भाषाओं का संग्रह है। यहां आकर ऐसा लगा जैसे हम इतिहास से रूबरु हो रहे है। 1.12.10 - राकेश भौर, संवाददाता दैनिक भास्कर, इंदौर यहाँ की पांडुलिपियों ज्ञान का भंडार हैं। 1.12.10 - रामकृष्ण मुले, पत्रकार पत्रिका दैनिक, इन्दौर बहुत प्रभावित हुआ हूँ ज्ञानपीठ को देखकर। 2.12.10 - डॉ. वाजिद कुरेशी, प्रोफेसर उर्दू, 79/ए-2, आदर्श नगर, देवास रोड, उज्जैन ज्ञानपीठ ने समग्र ज्ञान को पांडुलिपियों के माध्यम से संजोने एवं संरक्षित करने का जो मानद् प्रयास किया है वह भविष्य में मानव जाति को पूर्व की समृद्धि से अवगत करायेगा । आपका प्रयास अतुलनीय है। 08.03.11 - डॉ. अजय प्रताप सिंह - विभागाध्यक्ष, पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी (उ.प्र.) यहां के लिए कुछ भी कहना कम है। (बहुत सुन्दर संग्रह है) 09.03.11 - डॉ. कीर्ति श्रीवास्तव प्रभारी-संरक्षण, राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन, 11- मानसिंह रोड, नईदिल्ली ज्ञानपीठ वास्तविक भाव में ज्ञान का प्रकाश देने वाला संस्थान है। पांडुलिपियों के संरक्षण और जन-जन में उसके प्रति जागरण का अभियान संस्थान द्वारा सराहनीय है। यहां के गतिशील निदेशक और कर्तव्यनिष्ठ उनके सहयोगियों की टीम साधुवाद और प्रशंसा की पात्र है। विशेष रूप से संस्था के कर्तव्य के प्रति लगन और दायित्व निर्वहन का जो जोश सुरेखा जी में है, वह अनुकरणीय है। 09.03.11 - आई.पी. पाण्डेय पूर्व सहायक निदेशक, राज्य संग्रहालय, लखनऊ, 9956895556, अर्हत् वचन, 23 (1-2),2011 139

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