Book Title: Aho shrutam E Paripatra 02 Samvat 2071 Meruteras 2015
Author(s): Babulal S Shah
Publisher: Ashapuran Parshwanath Jain Gyanbhandar Ahmedabad
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श्रावकवर्य, श्रीयुत, श्रुतोपासक बाबुभाई सरेमलजी शाह जेओ विविध ज्ञानभंडारोमांथी हस्तलिखित प्रतनी कोपी तेमज शब्दकोश, संदर्भ ग्रंथो मेळववामां अमूल्य सहायक बन्या.
देव-गुरुनी आज्ञाविरुद्ध के ग्रंथकारोना आशयविरुद्ध कोई प्ररूपणा थई गई होय तो तेनी क्षमायाचना करुं छं.
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सा. नयदर्शनाश्रीजी ना शिष्या सा. नम्रनिधि तथा नम्रगिरा
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श्री गुजराती जैन संघ, केनींग स्ट्रीट, कलकत्ता में संग्रहीत सुवर्णमय हस्तप्रत इ. १४९० का हरिनैगमेषी देव का प्राचिन चित्र