Book Title: Swarshastra
Author(s): Vadilal Motilal Shah
Publisher: Vadilal Motilal Shah

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Page 11
________________ नवा घरमा प्रवेश करवामां, नवी जग्यानो चार्ज लेवामा, खेडवामां, बीज नाखवामा, मंगळ अने शांतिना कामोमा अने व्हार जवााः ___ एटला कामोमा चंद्र स्वर उत्तम छे. वाचवाना कामनो आरंभ करवामां, सांस्नेहीमोने मळवामां, धर्म कार्यमां, धर्मगुरु पासेथी काइ अभ्यास शिखवामा, मंत्रनो जाप जपवार्मा, काळ ज्ञानना सूत्रो वाचवामां, ब्हारथी चोपगां जानवर घेर लाववामा, रोगनो उपचार करवामां, पोताना उपरीनी मुलाकात लेवामा, घोडा के हाथी उपर सवारी करवामां, बीजार्नु भलं करवामां, :थापण मूकयामा, गावामा, वाजोंत्रो वगाडवामा, गायनना सूरोन शास्त्र विचारवार्मा, कोइ गाम के शहेरमा प्रवेश करवामां अने राज्याभिषेका, रोगमा, शो. कर्मा, उदासीनतामा, तावा, मूर्छामां, पोताना हाथ नीचेना अथवा उपरी मनुष्यो साथे कॉन्ट्राक्ट करवामा, धान्य अने लाकडो एकठाँ करवामां, स्त्रीए शणगार सजवामा, वरसाद आवतो होय त्यारे, गुरुभक्तिमा, आटला कार्यामा, हे शिष्य ! चंद्रस्वर मंगळकारी छे. - योगाभ्यास जेवां महत्वनो कार्यों पण इडा नाडीमां-चंद्रस्वरमा थइ शके छे. चंद्रस्वर चालतो होय त्यारे ममुध्ये आकाश अने तेज तस्वनो त्याग करवो जोइए. - जो चंद्रस्वर चालतो होय तो सघळां मंगळकारी कार्यामां रात्रे के दिवसे लाभ थाय छे. पिंगला. सघळा दीप्त कार्यामा, कठग शास्त्रो शिखवामां के शिखववामा, व्हाण उपर मुसाफरी करवामां, सघळां खराब कार्यामा, अळ पीवामा, भैरव जेवा विक्राळ देवनो मंत्र जपवामा, शास्त्राभ्यासमां, जवामा, शि. कारमा, प्राणीओ वेचवामा, इंटो लाकडो पत्थर अने झवेरात महा महेनते मेळववामा, गायन कळानो अभ्यास पाडवामा, जंत्र तंत्र करवामा, उंची. जग्या के पर्वतपर चढवामा, जुगारमा, चोरीमा, हाथी के घोडाने केळवीने वस करवामां, नवा उंट भेंस हाथी के घोडा उपर स्वारी करवामां, झरो ओळंगवामां, दवामा के लखवामा, मलकुस्तीमा, मारवामा के गभराट करवामां, षट्कर्म करवामा, यक्षिनी, यक्ष, वेताल, भूत वगैरे Scanned by CamScanner

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