Book Title: Rajasthan ke Jain Shastra Bhandaronki Granth Soochi Part 4
Author(s): Kasturchand Kasliwal, Anupchand
Publisher: Prabandh Karini Committee Jaipur
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८६० ]
ग्रंथकार का नाम
कुलभद्र -
भट्टकेदार
केशव —
केशव मिश्र -
केशरवर्णी
केशवसेन
कैटकोहन भट्ट --
० कृष्णदास
कृष्णशर्मा
पाक
क्षेमंकरमुनिक्षमेन्द्रकीति-
खेता
मंगादास --
ग्रंथ नाम
ग्रंथ सूची की | प्रथकार का नाम पत्र सं ५६५, ५७२, ५७५ ५६५, गणपति६१६, ६३३, ६३७, ६००, गणिरतनसूरि
७९०७५० --
सारसमुच्चय
वृत्तरत्नाकर
जातकपद्धति
ज्योतिषम गिमाला
तर्कभाषा
गोम्मटसारवृत्ति
मादित्यव्रतपूजा
रत्नत्रयपूजा
रोहिणीत जा
कारणपूजा
भाष्यप्रदीप
वैय्याकरणभूषण
मुनिसुतपुराण
विमलनाथपुराण
भावदीपिका
एकाक्षरकोश
सिंहासनद्वात्रिंशिका
गजपंथामंडल पूजा
६७, ५७४
रेवत
सम्मेदशिखर पूजा
सम्यक्वकौमुदीकथा
पंचोपालपूजा
पुष्पांजलिव्रतोद्यापन
३१४ | गर्गऋषि
२८१
२८२
१३२
१० | गुणकीर्ति-
४६१ गुणचन्द्र —
५.२६
५.१३,
५३२, ७२६
५.४२,
६७६
गुणचन्द्रदेव२६२ | गुणनंदि ---
२६३
१५३
१५४
१३५
२७४ | गुणभद्र
२५.३
४६८
२५१
५०२
गुणभद्राचार्य
५०६
५१६
५३२
५४६,
७२७ गुणभूषणाचार्य
|
मंथ नाम
ग्रंथ एवं मन्धकार
प्र सूची की
पत्र सं०
रत्नदीपक
२६०
षडदर्शनसमुच्चयवृत्ति १३६
२५०
२८५
२५०
२८६, ६४७
२८७
२६२
५००
ग्रहलाघव
पंचांगसाधन
गर्म संहिता
पाशावली
प्रश्नमनोरमा
शकुनाचली पंचकल्याणकपूजा
अनन्तव्रतोद्यापन
५.१३
५३२, ५४०
श्रष्टाकाव्रतकथा
संग्रह २१६
४८
अमृतधर्म र सकाव्य ऋषिमंडलपूजाविधान ४६३,
५३६,७६२
चंद्रप्रभकाव्यपंजिका १६५
त्रिकाल बीबीसीकथा
६२२
संभजिनस्तोत्र
Y!&
शांतिनाथस्तोत्र
६१४,
७२२ ¥
१४२
१००
***
१६८
१७२
२३६
४१५
६०
अनन्तनाथपुराण
आत्मानुशासन
उत्तरपुराण
जिनदत्तचरित्र
धन्यकुमारचरित्र
मौनव्रतकथा
वर्द्धमानस्तोत्र
श्रावकाचार
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