Book Title: Rajasthan ke Jain Shastra Bhandaronki Granth Soochi Part 4
Author(s): Kasturchand Kasliwal, Anupchand
Publisher: Prabandh Karini Committee Jaipur
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६१६ ।
प्रकार का नाम
पन्नालाल दूनीवाले -
पारसदासनिगोल्या
पारसदास
पार्श्वदास -
प्रथ नाम
समवसरणपूजा
पन्नालाल बाकलीवाल - बालपद्मपुराण
परमानंद -
परिमल्ल --
पर्वतधर्मार्थी --
पुण्यरत्न -
पुण्यसागरपुरुषोत्तमदास—
पून्यो
सुभाषितावली भाषा
पंचकल्याणक पूजा
विद्वज्जन बोकभाषा
吋
ग्रंथ सूची की ग्रंथकार का नाम
पत्र सं
श्रीपालचरित्र
द्रव्य संग्रहभाषा
समाधितंत्रभाषा
पद
बारहखड़ी
नेमिनाथफागु
- साधुवंदना
बोहे
पद
पद
पूरणदेव - पेमराज - पृथ्वीराजराठौड -
महाराजा सवाई प्रतापसिंह -
१२६
ज्ञानसूर्योदयनाटकभाषा ३१७
सारचोबीसी
३४४
प्रभुदास---
५०१
प्रसन्नचंद्र -
८६ फतेहचंद
८००
६८४७७०
२०१, ७७३
३६
पद
वैदर भी विवाह
कृष्णरूक्मिरिणबेलि
१५१
७८५
मेघकुमारगीत ६६१, ७२२ ७४६, ७५० ७६४
७७५ वीरजिणंदकी संघावली ७७५
६६३
अमृतसागर
चंदकुंबरकी वार्ता
४५२
६५४
३३२ ।
૧૪.
४५२
६८७
७८५
२४०
३६४
६५६, ७००
२६६
२२३
अंशी
वंशीवाल-
वंशीधर -
बस्वतराम
बख्तावरलाल
बधीचन्द — बनारसीदास -
ग्रंथ एवं प्रन्थकार
ग्रंथ सूची की
पत्र सं०
परमात्मप्रकाश भाषा
७६५ भातमशिक्षासञ्झाय ६१६
५७६ ५८० ५८१
५५२, ५६३
७७७
७८१
ग्रंथ नाम
पद
हर मंगल
रोहिणीविधिकथा द्रव्यसंग्रहाला बोटीक
७६१
पद ५८३, ५०६, ६६८
७८३, ७६६
७८
मिथ्यात्वखंडन
94
बुद्धिविलास चतुविशतितीर्थंकरपूजा ४७३
ज्ञानसूर्योदय नाटकभाषा ३१७
रामचन्द्रचरित्र
६६१
श्रध्यात्मबत्तीसी
प्रात्मध्यान कर्म प्रकृतिविधान
कल्याणमंदिरस्तोत्रभाषा
*
३६०, ६७७, ७४६
£2
१००
३८५, ४२६, ५६६ ५६६, ६०३, ६४३
६४५, ६५०, ६६१
कवित
जिन सहस्रनाम भाषा
६६२, ६६५, ६७०
७०३, ७०५
ज्ञानरच्चीसी
७०६, ७७३
६६० vrt
६१४, ६२४ ६५०, ७४३, ७७५
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