Book Title: Bharat ke Digambar Jain Tirth Part 5
Author(s): Rajmal Jain
Publisher: Bharat Varshiya Digambar Jain Mahasabha

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Page 387
________________ - श्रवणबेलगोल | 279 सूचना श्रवणबेलगोल से कुछ प्रमुख स्थानों की दूरी इस प्रकार है-हासन 48 कि. मी., बेलूर 83 कि. मी., हलेबिड 75 कि. मी., मैसूर 80 कि. मी. तथा बंगलोर 142 कि. मी. । यहाँ से हासन होते हुए मूडबिद्री 257 कि. मी. है। क्षेत्र का पता है श्री दिगम्बर जैन मठ, पो.श्रवणबेलगोल (Shravanabelagola) पिन-573135 जिला-हासन, कर्नाटक टेलीफोन नं. है-श्रवणबेलगोल 35 - श्रवणबेलगोल के आसपास के स्थल श्रवणबेलगोल के आसपास के गाँव भी जैन धर्म से अत्यधिक प्रभावित रहे जान पड़ते हैं । उनमें से कुछ में आज भी अनेक जैन मन्दिर अच्छी हालत में या ध्वस्त अवस्था में हैं । कला की दृष्टि से भी वे बहुमूल्य हैं। जिननायपुर इस गाँव की कलापूर्ण बसदि शान्तिनाथ बसदि एवं अरेगल बसदि का विवरण वन्दनाक्रम में ऊपर आ चुका है। हलेबेलगोल यह स्थान श्रवणबेलगोल से लगभग 6 कि. मी. की दूरी पर है। यहाँ एक जैन मन्दिर ध्वस्त अवस्था में है । मन्दिर होयसल शैली की अच्छी कारीगरी है । मन्दिर में पार्श्वनाथ की 5 फुट ऊँची मूर्ति है जिस पर सप्तफणी नाग की छाया है। छत में अष्ट दिक्पालों का अच्छा अंकन है। धरणेन्द्र की भी एक प्रतिमा है जिस पर पाँच फणों की छाया है। इस बसदि का निर्माण लगभग 1094 ई. में हुआ होगा। यहाँ तालाब की नहर में मन्दिरों की सामग्री लगी है जिससे अनुमान होता है कि यहाँ किसी समय अनेक जैन मन्दिर या अन्य धर्मों के भी मन्दिर थे। साणेहल्ली. यह गाँव श्रवणबेलगोल से लगभग 5 किलोमीटर की दूरी पर है। यहाँ भी एक ध्वस्त जैन मन्दिर है। इसे विष्णुवर्धन के सेनापति गंगराज की भाभी ने 1120 ई. में बनवाया था। कम्बदहल्ली यह स्थान मण्ड्य जिले में श्रवणबेलगोल से लगमग 11 कि. मी. की दूरी पर है। श्रवणबेलगोल के साथ ही इसका उल्लेख किया जाता है, इसलिए यहाँ उसका परिचय प्रस्तुत

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