Book Title: Jain Siddhanta Bol Sangraha Part 03
Author(s): Bhairodan Sethiya
Publisher: Jain Parmarthik Sanstha Bikaner
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: १५ :
उपासक दशांग (अंग्रेजी अनुवाद) लोकाइटिका कलकत्ता द्वारा प्रकाशित, सन् १८४० अंग्रेजी अनुवाद डाक्टर ए. एफ. स्टफ हार्न Ph. d. टयूबिंजन फेलो माफ कलकत्ता युनिवर्सिटी, मानरेरी फाइलोलोजिकल सेकेट्री टू दी ऐसियाटिक सोसायटी आफ बंगाल
ऋषि मंडलवृत्ति
औपपातिक सूत्र कर्तव्य कौमुदी
कर्मग्रन्थ
कर्मग्रन्थभाग ५
कर्म प्रकृति छन्दो मञ्जरी
जीवाभिगम सूत्र धर्म कांग
-
अभयदेव सूरि विवरण ! शतावधानी पं० रन मुनि श्री
चन्दजी महाराज कृत । सुखलालजी कृत हिन्दी अनुवाद | श्री श्रात्मानन्द जैन सभा भावनगर । शिवशर्माचार्य प्रणीत
पइण्णा दस
पनवा ( प्रज्ञापना)
पिंगल
मलयगिरि टीका। शास्त्री जेठालाल हरिभाई कुरा
आगमोदय समिति सूरत । सेठिया गन्यमाला, बीकानेर |
देवचन्द्र लालभाई जैन पुस्तकोद्वार फंड अनधर्म प्रसारक सभा भावनगर
गुजराती अनुवाद | अभयदेवसूरि विवरण
ठागांग
तत्त्वार्थाधिगम भाष्य उमास्वामि कृत
दशवेकालिक
मलयगिरि टीका
दशातस्कन्ध
उपाध्याय श्री आत्मारामजी महाराज कृत हिंदी अनु० श्री विनय विजयजी कृत
द्रव्यलोक प्रकाश
धर्मसंम
बन्दी सु
नव तत्व
पंचाशक
जैनधर्म प्रसारक सभा भावनगर
भागमोदय समिति, सूरत । मोतीलाल लाधाजी, पूना भागमोदय समिति सुरत । गुजराती अनुवाद रायचन्द जिनागम संग्रह द्वारा प्रकाशित । देवचन्द्र लालभाई जैन पुस्तकोद्धार बंबई श्रीमन्मान विजय महोपाध्याय देवचन्द्र लालभाई जैन पुस्तको प्रणीत यशोविजय टिप्पणी समेत द्वार संस्था, बंबई । मलयगिरि टीका भागमोदय समिति सूरत
हरिभद्रसूरिविरचित अभयदेव जैनधर्म प्रसारक सभा, भावसुरि टीका
नगर ।
भागमोदय समिति, सूरत ।
भगवान जैन सोसाइटी अहमदाबाद।
श्रुतस्यति सूत्रित ।
मलयगिरि टीकानुवाद
दास हर्षचन्द्र कृत गुजराती अनुवाद,
पिंगलाचार्य

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