Book Title: Jain Bal Shiksha Part 3
Author(s): Amarmuni
Publisher: Sanmati Gyan Pith Agra

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Page 27
________________ ( २२ ) 'क्यों नहीं बता सकते । गुलाब और चमेली का फूल खुशबूदार होता है। उसमें से बहुत भीनी-भीनी सुगन्ध आती है ।' 'और कभी तुमने मिट्टी का तेल भी देखा है।' 'अजी, मिट्टी के तेल में तो बहुत बदबू आती है।' 'अच्छा, बताओ-तुमने गुलाब की खुशबू और मिट्टी के तेल की बदबू को कैसे जाना ? किस चीज से जाना ।' 'नाक से सूंघ कर जाना ।' - 'ठीक कहा ! आज से याद रखना कि जिसके द्वारा किसी चीज को सूंघ कर उसकी खुशबू या बदबू को जाना जाय, उसे घ्राण इन्द्रिय कहते हैं। घ्राण का अर्थ नाक है।' ४-चक्षुष् इन्द्रिय 'कोयला या काजल का रंग कैसा होता है?' 'कोयला और काजल का रंग काला होता है।' 'सोना और चाँदी का रंग कैसा होता है ?' Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org

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