Book Title: Jain Bal Shiksha Part 3
Author(s): Amarmuni
Publisher: Sanmati Gyan Pith Agra

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Page 32
________________ ( २७ ) बड़ों के सामने मुँह करके छींकना ठीक नहीं होता। छीक आये तो दूसरी ओर मुँह करके छींको। छींकते समय मुँह पर रुमाल या हाथ लगा लेना चाहिए। जब बड़े खड़े हों और जाने लगें तो उनके खड़े होते ही तुम भी खड़े हो जाओ, कुछ दूर पहुँचाने के लिए साथ जाओ, और फिर 'जय जिनेन्द्र' करने के साथ प्रणाम करके लौटो। ___ बड़े लोगों से प्रश्न करते समय मत हँसो। और प्रश्न करने में अपना अहंकार भी मत दिखलाओ। जो कुछ पूछना हो, विनय के साथ पूछो। बड़े जब उत्तर दें, तो बीच में व्यर्थ ही . इधर-उधर की दलीलें मत करो। व्यर्थ विवाद बढ़ा कर अपनी बुद्धिमानी दिखाना, ठीक नहीं है। यदि बड़ों के उत्तर में कुछ भूल हो, तो हँसो मत। बड़ों के सामने हँसना, उनकी भूल का मजाक करना, बड़ी खराब आदत है। भगवान महावीर इसे बहुत बड़ा पाप बतलाते हैं। उनका कहना है कि- “विनयहीन आदमी किसी भी धर्म का पालन नहीं कर सकता।" Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org

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