Book Title: Gyan Swaroday
Author(s): Kabir Sadguru
Publisher: Kabir Dharmvardhak Karyalay
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सत्यनाम ।
सद्गुरु कबीर साहिब का
ज्ञान स्वरोदय ।
मङ्गलाचरणम् ।
श्लोकः ।
प्रत्यक्ष - सर्वेश्वरम् । श्वेताम्बरैः शोभितम् ॥
सत्यं बोधमयं नृरूपममलं, रत्नैर्मण्डितशीर्षशुभ्रमुकुटं मुक्तामालविभूषितं च हृदयं, सिंहासने संस्थितम् । भक्तानां वरदं प्रसन्नवदनं, श्रीसद्गुरुं नौम्यहम् ॥ धर्मदास वचन | सत्तनाम गुरुदेव जू, वंदन करूँ अनन्त । तुव प्रसाद सुर भेद को, धर्मदास पुरुषोत्तम परमातमा, पूरन आदि पुरुष अविचल तुही, तोहि नमायूँ
सत्कबीर बचन ।
जान ।
क्षर ॐकार सु कहत हैं, अक्षर सोहं निहअक्षर स्वासा रहित, ताही को मन आन ॥
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पूछन्त ॥ १ ॥ विस्वावीस | सीस ॥२॥

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