Book Title: Story Story
Author(s): Kalyanbodhisuri
Publisher: K P Sanghvi Group

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Page 68
________________ www.jainelibrary.org गधा, लोमड़ी और शेर || मित्रद्रोहो महापापम्।। 4-ror Private &PersolaE Only लोमड़ी और गधे ने मिलकर तय किया कि वे शिकार खेलने साथ-साथ जाएँगे। दोनों चल पड़े। कुछ दूर जाने पर लोमड़ी आगे निकल गई। तभी अचानक उसकी मुठभेड़ शेर से हो गई। चालाक लोमड़ी ताड़ गई कि अब जान की खैर नहीं। फौरन उसे गधे का खयाल आ गया। बोली, "जंगल के राजा अगर आप मुझे छोड़ दें तो मैं आपके भोजन के लिए एक गधा भेंट दे सकती हूँ। आप मेरे साथ चलिए।" शेर । राजी हो गया और लोमड़ी के साथ चल दिया। थोड़ी दूर जाने पर एक पेड़ की छाँव - में गधा बैठा नजर आया। शेर उस पर टूट पड़ा। पूरा गधा खाने पर भी उसकी भूख नहीं मिटी। उसने लोमड़ी की ओर देखा और पलक झपकते उसे भी धर दबोचा। ID rip BRIDPUR II II 58 Education Internatiolla

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