Book Title: Acharangadyekadashangya Sutradgathadyakaradi
Author(s): Sagaranandsuri, Anandsagarsuri
Publisher: Tribhovandas Pitambardas Sushravak

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Page 11
________________ ८आ. ९. १.स्था. ११ स. १२ भ. १३ ज्ञा. SHREKHA १४ उपा. १५ अंत अनु. १६ प्रश्न. १७विपा. -tu ८ सूत्रायादि. सूत्रे. सूत्रायकः। सूत्राचादि. सूत्रे. अस्थि मते ! सयासमिय | अदुणाइणं च सुहीणं वा ९ सुहुमे० पवडइ! १२ अथिचि किरियवादी ९ अदुत्वरं च णं पुरिसविजयं९ ११८ नि | अस्थि मे आया ८ अदुथावरा य तसत्ताए ८ अदु पोरिसिं तिरियं & अस्थे अमरिआवत्ते ११ १५ * अथ भंते ! अदसिङ्घसुंभ० अदुवा अदिबादाणं ८ केलतियं कालं जोणी १० | अदुवा तत्थ परक्कमंतं अदक्तु व दक्खु वाहियं ९ अदुवा माहणं च | अदिस्समाणे कयविक्रयेसु८८९ अदु वायसा दिगिछन्ता ८ अदीणसत्तुसंखे ११ ८८ * अदु साविया पवाएणं ९ है अदु अंजणि अलंकारं ९ २८४ * | अद्दपुरे अहसुतो ९ मा अकु कण्णणासच्छेद ९ २६८ * | अदाणक्खत्ते एगतारे १० | अदु कुचरा उवचरंति ८ ७२ * अधोलोगे थे पंच अणुत्तरा१० सूत्रायः। सूत्रायादि. सूत्रे. सूत्राय: २६० * | अन्नउत्थिता० कहणं सम३१ । णाणं २ किरिया १०१ ५५ * | अनउत्थिया० एवं खलु पाणाइ० ४६ * वट्टमाणस्स०अन्ने जीवे अने २७ - जीवाया १२ २२१ अबउत्थिया एवं खलु १०५ * | समणा पंडिया समणो० १०४ * बालपंडिया १२ ५९६ २७२ * अनउत्थिया चलमाणे १८७ नि अचलिए ५५ | अभउत्थिया जावतिया । ४५१ | रायंगिहि जीवा १२ २५४ ५७२

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