Book Title: Acharangadyekadashangya Sutradgathadyakaradi
Author(s): Sagaranandsuri, Anandsagarsuri
Publisher: Tribhovandas Pitambardas Sushravak

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Page 73
________________ ८आ. ९सू. १० स्था. ११ स. १२ म. १३ ज्ञा. ॥६९॥ सूत्राद्यादि. सूत्रे. तए णं से देवे पिसाय० काम देवं हंभो कामदेवा तणं से देवे पिसाय ० काम देवं जाहे नो संचाएइ २१ २३ तए णं से देवे सप्परूवे तए णं से देवे हत्थिरूवे २२ तए णं से बले राया कोटुंबिय १४ ४२८ तए णं से भगवं गोयमे १४ जायसेड्ड तए णं से भगवं गोयमे ज मालिं० कालगयं जा० जेणेव समणे ० १४ १४ १४ सूत्रायङ्क: १२ २० ८ १२ ३८७ सूत्राद्यादि. सूत्रे. तए णं से महासयए पढमं उवासगपडियं तए णं से महासयए वीसं वासाई समणोवासय० तणं से मार्गदियपुत्ते अण० जेणेव समणे ० तए णं से सद्दालपुत्ते जेणेव असोगणिया १४ तणं से सद्दालपुत्ते जाए अभिगयजीवाजीवे तणं से सद्दालपुत्ते समणस्स ३ अंतिए धम्मं १४ १४ १४ सूत्राद्यङ्कः १४ ५१ ५४ १२ ६२० सूत्राद्यादि. सूत्रे. तए णं से सद्दालपुत्ते० वाया इयं कोलाल भंड ४० १४ ४३९ तए णं से संखे० कोहवसट्टेणं जीवे किं बंध ४ १२ तणं से संखे समणोवासए १२ तओ आयरक्खा तओ इंदा पण्णत्ता ४३७ १० १७२ १० ११९ ओ ठाणा णिस्सीलस्स १० १६१ ओणियंठा पोसण्णोव० १० १५८ तओ तित्थयरा चकवड्डी १० २३१ ४९ तओ दंडा पं० ११ ३ तओ पन्नत्तीओ कालेणं १० ४३ तओ लोगे णिस्सीला णिव्व०१० सूत्रायक' ४२ १५२ १५० १४ उपा. १५ अंत अनु. १६ प्रश्न. १७ विषा. ॥ ६९ ॥

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