Book Title: Acharangadyekadashangya Sutradgathadyakaradi
Author(s): Sagaranandsuri, Anandsagarsuri
Publisher: Tribhovandas Pitambardas Sushravak

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Page 114
________________ १० स्था. ११ स. अनु. १२ म. ८आ. ९सू. । सूत्राद्यादि. सूत्रे. सूत्राद्य सूत्राद्यादि. सूत्रे. सूत्राद्यकः सूत्राद्यादि. सूत्रे. सूत्राद्यक १४ उपा. ९ मज्झत्यो निज्जरापेही ८ २१७ | मणुस्सपंचेंदिय बीएणं जो- महोदणे य वत्थे १२ ३८ | | १५ अंतमज्झिमसरसंपन्ना १० ५* | णियम्भूए केव०कालं संचि०१२ १०२ | महव्वए पंच अणुव्वए य ९ ६७४* टा१६ प्रश्न. १३ ज्ञा मझिमेणं वयसावि ८ २०४ | मणुस्सा णं भंते! कओहिंतो १२ ७१३ | महाणक्खत्ते सत्ततारे १० ५८९ १७विपा. मडाईणं नियंडे नो निरुद्ध० । | मत्तंगता य भिंगा १० ८१* | महापउम महापुंडरीय द० ११ ११५ ॥११०॥ __ भवे पुणरवि इत्थत्तं हव्व०१२ ८७ मत्तंगता य भिंगा १० १६४* | महापउमे सूरदवे ११ १४७* | मडाई णं निरुद्धभवे० णो पुण- मत्तंगया य भिंगा ११ | महामुक्कसहस्सारेसु णं. रवि इत्थत्ते हव्वमा० १२ मधुगुलियपिंगलक्खो १४* विमाणा अट्ठ जोयण. १० मणबंधणेहिं णेगेहिं ९ २५३* | मरुदेवी विजया सेणा ११ ८३% | महामुक्कसहस्सारेसु दोसु. 3 मणवइ काया आणापाणू ९ ९५नि मल्लिस्स णं अरहओ पणप. विमाणा अट्ठ जोय० उ०११ १११ | मणसा जे पउस्संति ५६* | नं वाससह० परमाउं ११ ५५ । महीइ मज्झमि ठिते णगिंदे ९ ३६४* मणसा वयसा चेव ९ ४१६* | मल्लीणं अरहा अप्पसत्तमे मुं०१० ५६४ | महुराय. मणुया तिरिया काया ८ ६.नि. महपंचभूयए कप्पए य ९ ३०नि. मंकाती किंकमे चेव ॥११०॥ मणुस्सपवेसणएणं भंते कति०१२ ३७४ । महयं पलिगोव जाणिया ९ १२१ । मंगी कोरब्बीया 15-16

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