Book Title: Nandi Sutra Tika
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Page 459
________________ Shri Mahavir Jain Aradhana Kendra www.kobatirth.org Acharya Shri Kailassagarsuri Gyanmandir नंदी टी. सूत्र 業業競業業業業業养基养素業業兼差兼紫紫紫装装器基 भतो विनाशस कर्मणासत्फलभूतस्य वासं सारस्थ ये सतवन्ततशततीर्थकरादवः सहस्तव्यताप्रतिबहादया अध्ययनानि अंतवाद्दशासवासूरिः * पंतगडदसासश्चमित्यादि पाठसिहं यावत् अंतकिरियाचत्ति भवापेक्षया अत्याचे ता: क्रियाच अंत्यकियाः शैलेश्ववस्थादिका क्रियाग्रङ्गन्ति से प्रकटाणे गडदसाो अंतगदसासुणं अंतगडाणं नगराई उज्नाणाईचेड्याझ्वणसंडाई समोसरणारायाणो अमापियरो धम्मायरिया धमकहात्रो इहलोइय परलोइया इडिविसेसा भोगपरिच्चायापवज्जाओ परियाया सुयपरिगहा तवोव हाणाई संलेहणाश्रो मत्तपञ्चक्खाणाईपाओवगमणार तकिरियाोय आपविज्जति अंतगडदसाणं परितावा यणा संखिज्जा अणुबोगदारा संखिज्जावेढा संखिज्जासिलोगा संखिज्जाबो निजुत्तोश्रो संखिज्नाओ संगहणोनो संखिज्जाबो पडिवत्तौथो सेणं अंगड्ढयाए अहमे अंगेएगेसुयक्षंधे अहवग्गा अलाउद्दे सणकाला असमुहसणकाला हदू ते पन्थशासना जायचे तेहथको घणा जाणशे ते हुए ए इणे प्रकारे च. पाचार गोचर विनयादिकने कहिये करी चरण सत्तरीक 70 प० धर्म * परुष्यो पा. सामान्य पणे करौने कह्याछे से तेए उ० उपासकदशा अंगसातमो जायचो से तेकि किस्य अं अंतगडदया तेजे अंत समय विश्वास कौधो तथा संसारनो अंतकोधो जिणे अंतकृत तेहनी द० दमाते संख्याते जिम प्रथम वर्ग दश अध्ययन इत्यादिक ते अंतगडदसा ते भगवंत उत्तर कहेछे ०चंतया दमानेविषे संसारनो अंतकरी जीवने अंतगडमध्ये नगरनानामत उद्याननानामवे० चेत्य ते यक्षायतननानाम 40 वनखंडनानाम म तीर्थ कर समो मनाते अधिकार रा.राजानामाम प. मातानानाम पितानानामध धर्मकवानानामध० धर्माचार्यनानाम इहलोक प०परलोक **KHEK*** REMEHMANNX** भाषा * *** For Private and Personal Use Only

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