Book Title: Anusandhan 2008 09 SrNo 45 Author(s): Shilchandrasuri Publisher: Kalikal Sarvagya Shri Hemchandracharya Navam Janmashatabdi Smruti Sanskar Shikshannidhi Ahmedabad View full book textPage 6
________________ श्री बीबीपुरस्थित श्रीचिन्तामणिपार्श्वनाथ जिनालयनी प्रशस्ति : भूमिका अनुक्रमणिका श्री बीबीपुरमण्डन श्रीचिन्तामणिपार्श्वनाथचैत्यप्रशस्तिः ॥ श्री श्रीवल्लभोपाध्यायप्रणीतं चतुर्दशस्वरस्थापनवादस्थलम् अज्ञातकर्तृक- श्रीसम्यक्त्वस्तवन मुनिसुयशचन्द्र - सुजसचन्द्रविजयौ मुनि मेरुरचित नव गीतिकाओ सप्तदश पूजा प्रकरण गर्भित शान्तिनाथ स्तवन गूंगो गोळतणा गुण गाय टूक नोंध : - सं. मुनिसुयशचन्द्र - सुजसचन्द्रविजयौ विहंगावलोकन Jain Education International पण्डितविशालमूर्तिरचित श्रीधरणविहार चतुर्मुखस्तव 'पितर' संकल्पना की जैन दृष्टि से समीक्षा सं. मुनिसुयशचन्द्र - सुजसचन्द्रविजयौ - सं. म. विनयसागर ३० - सं. उपा. भुवनचन्द्र ४४ सं. मुनिसुयशचन्द्र - सुजसचन्द्रविजयौ - - सं. म. विनयसागर डॉ. अनीता सुधीर बोथरा शी. (१) ७४१ वर्ष जूनुं एक समवसरण (२) अनुसन्धान ४३ - ४४ मांना लेखो विशे पूरक नोंध - १८ For Private & Personal Use Only ४८ ५४ ५८ ६८ ९१ १०५ १०६ उपा. भुवनचन्द्र १०८ www.jainelibrary.orgPage Navigation
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