Book Title: Anusandhan 2008 09 SrNo 45
Author(s): Shilchandrasuri
Publisher: Kalikal Sarvagya Shri Hemchandracharya Navam Janmashatabdi Smruti Sanskar Shikshannidhi Ahmedabad

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Page 15
________________ १४ अनुसन्धान ४५ शेठना जन्मनी के शेष जीवननी नोंध रासमां नथी. मालतीबहेन शाह शेठनो जन्म सं. १६४१-४६नी आसपास होवानुं अनुमान करे छे, तेमनो स्वर्गवास सं. १७१६मां थयो होवानुं माने छे. ज्यारे राजसागरसूरिनिर्वाण रासना उल्लेख मुजब तेमनो स्वर्गवास सं. १७१५ मां थयो हतो. आ नोंध राजनगरना' जिनालयो - पृ. १९३ उपर छे. आचार्य राजसागरसूरिजी आनन्दविमलसूरिजी विजयदानसूरिजी हीरविजयसूरिजी विजयसेनसूरिजी राजसागरसूरिजी प्रशस्तिकारे [श्लो. ७४ थी ८०मां] राजसागरसूरिजीनी गुरुपरम्परा उपर मुजब जणावी छे. जैन परं. नो इति. भा.४ प्रकरण ५५मां तेमनी गुरुपरम्परा जुदी जणावी छे. सं. १६७४ मां रचायेल 'नेमिसागरनिर्वाणरास'मां कर्ता कृपासागरे पण लगभग परं. ना इतिहास जेवी परम्परा जणावी छे अमां 'जीवर्षि गणि'नुं नाम नथी. वळी, लक्ष्मीसागरसूरिजी (तपा.) उपा. विद्यासागरजी जीवर्षिगणी उपा. धर्मसागरजी (१) Jain Education International For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org

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