Book Title: Agam 32 Chulika 02 Anuyogdwar Sutra Anuogdaraim Terapanth
Author(s): Tulsi Acharya, Mahapragna Acharya
Publisher: Jain Vishva Bharati

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Page 427
________________ ३६० अणुओगदाराई अमत्त ९२ ५०,५४९ अय अयण अर अरिट्ठणे मि अलिंद अवकरय पात्र नक्षत्रदेव समय के प्रकार व्यक्ति व्यक्ति ३९२ ३४२२ २१९,४१७ २२७ २२७ आयंसग आयार आराम आलिंद आवंती आवण आवरिसण गृह उपकरण ग्रंथ वन गृह उपकरण ग्रंथ परिच्छेद ३२२ ३९२ गृह ३७५ नाम ३४६ ३५८१ अवच्च व्याकरण कुप्रावनिक आवश्यक समय के प्रकार आवलिया २१९,४१०,४१५११, ४१७,४८२,५९०,५९२, ५९३,६१६ ५-१०,७४ ग्रंथ भवच्चनाम अवरह अवरविदेह अवव अववंग अवायाण अविरुद्ध अव्वईभाव अश्व असंखय आवस्सय आवस्सयवतिरित्त ग्रंथ आस प्राणीवर्ग व्याकरण समय के प्रकार जनपद-ग्राम समय के प्रकार समय के प्रकार व्याकरण अन्यतीथिक व्याकरण प्राणी ग्रंथ परिच्छेद मान के प्रकार वन नक्षत्र प्राणी उपकरण समय के प्रकार समय के प्रकार व्याकरण राजपरिकर ३९९,५५६ २१९,४१७ २१९,४१७ ३०८।२,५ २०,२६ ३५००१,३५६ २७०,३५१ ३२२ ३७४ ८९,९२,५२५,६५४, ६५६,६५८,६६०,६८०, ६८२,६८४,६८६ ३४२।२ ३००१ असति आस आसकता आसण आसम आसुरुत्त आहत्तहीय ३२४ असोगवण अस्सिलेसा अहि अहिंगरणि अहोनिस अहोरत्त आ आइक्खग नक्षत्र देव स्वर साधु के उपकरण बसति के प्रकार लौकिक ग्रंथ ग्रंथ परिच्छेद व्याकरण व्याकरण इंकारंत ३२३ ५५६ ४९,५४८ ३२२ २६४।६ २६४।६ २०,३२१ ३४२२ ३२१ ३४३ देव नक्षत्र देव प्राणीवर्ग इंदगोवय इक्खाग इज्जंजलि कुल आइच्च नक्षत्रदेव ३४११ ३५१ ४०८ २८.२ २१९,४१५१,४१७ २६४।२ ८८ ५४० ३४२१२ ६५६,६६०,६८२,६८६ २६४।४,५ २७० २६५,२६६ ५१५,५४७-५५१ ३२३,५५६ ३०७१-३ ३०१२ वाद्य व्याकरण व्याकरण इब्भ इस्सरिय इस्सरियनाम आउ आउज्ज आकारंत आख्यातिक आगम आगम आगर आगार आडंबर आढग आढगसत आणापाण आमंतणी आमलग (य) आयंगुल ३७५ १९,३६५ ३५८।१ २६४२ २६४,४,५ ईकारत कुप्रावनिक आवश्यक गृह उपकरण राजपरिकर व्याकरण व्याकरण व्याकरण व्याकरण राजपरिकर समय के प्रकार व्याकरण व्याकरण कुप्रावचनिक आवश्यक ग्रन्थ व्याकरण ग्रंथ वसति के प्रकार स्वर वाद्य वर्ग मान के प्रकार मान के प्रकार समय के प्रकार व्याकरण वनस्पति मान के प्रकार ईसर उउ ३७४ २१९,६१६ ३०८।२,६ ४३९,५०६ ३८९,३९०,३९२,३९४ २१९,४१७ २६४।३ २६४।६ २६ उंकारंत उंदुरुक्क उक्कालिय Jain Education Intemational For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org

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