Book Title: Agam 32 Chulika 02 Anuyogdwar Sutra Anuogdaraim Terapanth
Author(s): Tulsi Acharya, Mahapragna Acharya
Publisher: Jain Vishva Bharati

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Page 434
________________ परिशिष्ट :१-विशेषनामानुक्रम पाणु पाय (द) पायपुंछण पायय पायस पास पासाय पिउ पिति पियामह ३९२ बबुलय बय (द) र बलागा बहस्सइ बहुपय बहुव्वीहि बाहुलेर बिंदुकार बिलपंतिय बिल्ल बीभच्छ बीभत्स बीयवावय बुद्धवयण बेइदिय ३९२ ४३९ पीलु पीलुय पुक्खर पुक्खरिणी पुणव्वसु पुत्त पुत्तिया पुन्नागवण ३२४ पुष्फ पुर पुरवर पुराण पुरिसइज्ज समय के प्रकार ४१७११,२ मान के प्रकार ३९१, ४००, ४०९ साधु के उपकरण ६६३, ६८९ भाषा ३०७।११ खाद्य ४४५ व्यक्ति २२७ गृह पारिवारिक सदस्य ३२६ नक्षत्रदेव ३४२।१ पारिवारिक सदस्य ३२६ खाद्य २६४।६ नाम ३४७ जलाशय ३५४ जलाशय ३९२ नक्षत्र ३४१११ पारिवारिक सदस्य ३०२।१,५२०११ पारिवारिक सदस्य ३९७।२ वन वनस्पति १९, २०, ५२४ वसति के प्रकार ३५४ बसति के प्रकार ५६९, ५६९।१ लौकिक ग्रन्थ ४९, ५४८ ग्रन्थ परिच्छेद ३२२ समय के प्रकार २१९, ४१७, ५६८ समय के प्रकार २१९, ४१७ जनपदग्राम ३९९,५५६ नक्षत्र ३४११२ नक्षत्र ३४१११ नक्षत्रदेव ३४२११ हस्तकौशल १०,३१,५४,७८,१०३, ५६० स्वर ३०९१ समय के प्रकार ३०६१ हस्तकौशल १०,३१,५४,७८,१०३, ५६० शिल्पी ३६० नक्षत्र ३४१२१ गह उपकरण सूत्र ४२ सुरक्षा साधन ५६९।१ नक्षत्रदेव ३४२२२ मान के प्रकार ३७६, ६१४ बोंडय भड भंडवेयालिय भग भगिणीवइ भड भणिति भद्दवय भमर नाम ३४७ वनस्पति ४३९,६१३ प्राणीवर्ग ५२६ नक्षत्रदेव ३४२११ प्राणीवर्ग ३२७।१,५२५ व्याकरण ३५०११,३५२ प्राणीवर्ग ५४५ ग्रंथकार ३६४ जलाशय वनस्पति रस ३०९.१ रस ३१५१,३१५ प्राणीवर्ग ३२१ लौकिकग्रन्थ ४९,५४८ प्राणीवर्ग १५४,४४५,४५३,४८२, ४८५,४८८ ४०,४२ साधु के उपकरण ३९२,६६४,६९० शिल्पी नक्षत्रदेव ३४२११ पारिवारिक सदस्य ३५२ राज परिकर ३२७।२,५२५१ स्वर ३०७।३,११ नक्षत्र ३४११३ प्राणीवर्ग ७०८।५ नक्षत्र ३१११३ जनपदग्राम ३९९,५५६,६१५ २८७,४१० पारिवारिक सदस्य ३६२ विविध व्यवसायी ३०२१७ लौकिक ग्रन्थ २५,४९,५४८ ३३३ अन्यतीथिक ३४४ अन्यतीथिक २०,२६ कर्मकर वृत्ति-रोजगार ३८३ गृह ३८१ प्राणीवर्ग २५४ २०,२५४ वाद्य ५२२ कुल प्राणीवर्ग पुव भरणी पुवंग पुब्वविदेह पुब्वासाढा पुस्स भरह भवण पुस्स भाउय पूरिम नाम पूरिमा पोग्गलपरियट्ट पोत्थकम्म भारवाहग भारह भारह भिक्खु भिक्खोंड भितग भिति भित्ति भृयपरिसप्प भूय भेरी ३८३ पोत्यकार फग्गुणी फणिह फलिह फलिह देव बंभ भोग ३४३ बत्तीसिया भ्रमर Jain Education Intemational For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org

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