Book Title: Agam 32 Chulika 02 Anuyogdwar Sutra Anuogdaraim Terapanth
Author(s): Tulsi Acharya, Mahapragna Acharya
Publisher: Jain Vishva Bharati

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Page 438
________________ परिशिष्ट : १ विशेषनामानुक्रम ४०१ ! सन्नि (ण्णि) बेस वसति के प्रकार सप्प नक्षत्रदेव सभा गृहवर्ग समण अन्यतीर्थिक समय समय के प्रकार ३२३,५५६ ३४२।१ १९,३९२ ३४४ १२६,१२७,१७०,१७१, २११,२१२,२१९,२२०, ३०७।१,४१५-४१७, ४२२,४२४,४३६,४३८, ४४७,४८१,५६७,६१६ ५०,५४९ ३५०,५५७ ३५८१ सामिसंबंध सार सारकंता सारस सारसी साल सालवण सालि सावएज्ज सिंगार सिंघाडक सिणय सिद्धत्थय व्याकरण ३०८।५ धातु और रत्न ६५५,६५९,६८१,६८५ स्वर ३०४।१ प्राणीवर्ग ३००१२ स्वर ३०४१ पारिवारिक सदस्य ३६२ वन ३२४ वनस्पति ३५७ धातु और रत्न ६५५,६५९,६८१,६८५ रस ३०९।१,३११,३११११ पंथ ३९२ नाम वनस्पति व्याकरण ३५८।१ व्याकरण ३६४१५ धातु और रत्न ३८५,६५५,६५९,६८१, समवाय समास समीव समीवनाम समुद्द ग्रन्थ व्याकरण व्याकरण व्याकरण जलाशय सिप्प ३२१,४१०,४२५,४२६, ५४०,५५६,५८६ ३२२ २० सिप्पनाम सिरी सिला समोसरण सम्मज्जण देव ग्रन्थ परिच्छेद कुप्रावनिक आवश्यक गृह उपकरण जलाशय ३९२ ३५४,३९२,५३१,५३५ देव गृह सयण सर सरण सरदय सरपंतिय सरिसव सलागा सवण सविउ सव्वद्धा ससुरय सस्स सस्सामिवायण साउणिय सागडिय सागर सागर सागरोवम सिलोगनाम व्याकरण सिलोय व्याकरण सिव सिवा प्राणीवर्ग सीतल व्यक्ति सीया वाहन सीसपहेलियंग समय के प्रकार सीसपहेलिया समय के प्रकार सीह प्राणीवर्ग सुठ्ठत्तरमायामा स्वर सुद्धगंधारा सुद्धसज्जा स्वर सुपास व्यक्ति सुप्पय नाम सुरा खाद्य सुवण्ण मान के प्रकार सुवण्ण धातु और रत्न नाम जलाशय वनस्पति ४३९,५४० मान के प्रकार ५८६ नक्षत्र ३४११३ नक्षत्रदेव ३४२११ समय के प्रकार पारिवारिक सदस्य ३६२ खाद्य ५३१,५३५ व्याकरण ३०८।२ विविध व्यवसायी ३०२।६ नाम समय के प्रकार ४१५१ जलाशय ७०८/५ समय के प्रकार २१९,४१८,४२३,४२५, ४३०,४३२,४३३,४३७, ४४०,५६९,६१६ नक्षत्र ३४०२ प्राणीवर्ग ग्रन्थ ७२,७४,७५ व्याकरण ३४९,३५०,३५७ स्वर ३५८।१ २० ३२३ २२७ ३९२ २१९,४१७ २१९,४१७ ५२५ ३०६१ ३०६१ ३०४१ २२७ ३४६ २८७१ ३८४ ३८५,५२४,५५७,६५५, ६५९,६८१,६८५ २२७ ३९३,४०६ ३९३,३९४,४०६,४०७ ५०,५४९ १९,२०,२५४ २२७ सुविहि साति व्यक्ति मान के प्रकार मान के प्रकार ग्रन्थ सूईअंगुल सूयगड सामलेर सामाइय सामासिय ग्रह सेज्जंस व्यक्ति Jain Education Intemational For Private & Personal Use Only www.jainelibrary.org

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