Book Title: Yuvayogi Jambukumar Diwakar Chitrakatha 015
Author(s): Rajendramuni, Shreechand Surana
Publisher: Diwakar Prakashan

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Page 16
________________ जम्बूकुमार ने उदाहरण देकर बताया जैसे एक तेज धार वाली छुरी पर शहद का लेप किया हुआ हो, अबोध बालक के हाथ में आने पर वह उस छुरी को चाटने लगता है। 0000 पार प गगनक उश्याश्या युवायोगी जम्बूकुमार Jain Education International छुरी चाटने से जीभ कट जाती है, बालक रोने लगता है, क्यों कि वह अज्ञानी होता है। किन्तु एक समझदार व्यक्ति तो छुरी को जीभ से बिना चखे ही उसका परिणाम जानता है, क्या वह जीभ से चाटने की मूर्खता कर सकता है ? नहीं ! उसे तो पता है। 14 For Private & Personal Use Only VAAYARI www.jainelibrary.org

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