Book Title: Prachin Jain Itihas Sangraha Part 03 Kaling Desh ka Itihas Author(s): Gyansundar Maharaj Publisher: Ratnaprabhakar Gyanpushpamala View full book textPage 4
________________ श्री जैन इतिहास ज्ञान भानू किरण नं० २ * श्री रत्नप्रभसूरीश्वर पादपद्मभ्योनमः * प्राचीन जैन इतिहास संग्रह ( तीसरा भाग ) [ कलिंग देश का इतिहास ] गध देश का निकटवर्ती प्रदेश कलिङ्ग भी जैनों का एक बड़ा केन्द्र था । इस देश का इतिहास बहुत प्राचीन है । भगवान आदि तीर्थंकर श्री ऋषभदेव स्वामी ने अपने १०० पुत्रों को जब अपना राज्य बाँटा था तो कलिङ्ग नामक एक पुत्र के हिस्से में यह प्रदेश आया था । उसके नाम के पीछे यह प्रदेश भी कलिङ्ग कहलाने लगा । चिरकाल तक इस प्रदेश का यही नाम चलता रहा । वेद,Page Navigation
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