Book Title: Muni Deepratnasagarji ki 555 Sahitya Krutiya
Author(s): Dipratnasagar, Deepratnasagar
Publisher: Deepratnasagar

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Page 16
________________ नमो नमो निम्मलदंसणस्स दीपरत्नसागर की 555 साहित्य-कृतियाँ आगमसुनाणि (सटीक) आगमसुत्ताणि सटीकं Print | | भाषा → प्राकृत, संस्कृत प्रकाशन वर्ष 2002 कुल किताबें - 30, कुल पृष्ठ 7 13216 नेट पब्लिकेशन्स, साईझ A-5 । साहित्य कृति क्रम 406 से 435 भाग: मानवापरता [11] आगम सुत्ताणि सटीकं Print ये हमारा Print Publication है, इसमें हमने 'आगमसुत्ताणिसटीकं' नामसे 30 पुस्तकों का संपुट बनाया था, जिसमें मूल 45+1 वैकल्पिक आगम को मिलाकर 46 आगमसूत्रों की संस्कृत/प्राकृत वृत्ति/चूर्णि को संपादित किया है | अब तो ये Net publication बनकर 46 अलग-अलग किताबो के रुपमें मौजूद है। ___ये 3,25,000 श्लोक-प्रमाण टीका-साहित्यका सम्पादन है,टीका साहित्यमें वृत्तियाँ संस्कृतमें है और चूर्णियाँ, भाष्य तथा निर्यक्तियाँ प्राकृत-भाषा में है, 45 आगमोमें पिंडनियुक्ति के साथ विकल्पमें ओघनियुक्ति भी होती है, इसिलिए हमने 46 सटीक आगमो को यहाँ सम्पादित करके Print-publication करवाया था | सटीक 45 आगमो का संपुट समग्र विश्वमें ये एक ही उपलब्ध है | तदुपरांत इस सम्पादनमें अनुक्रमणिका है, गद्य-पद्य का स्पष्ट विभाजन है, प्रत्येक पृष्ठ पर अध्ययन, उद्देशक सूत्र/गाथा, नियुक्ति इत्यादि का स्पष्ट उल्लेख प्राप्त है, ऐसी अनेक विशेषताए है | Total Books 555 [1,00,013 Pages] | Muni Deepratnasagar's 555 [16] Publications on 03/07/2015

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